फोर्कलिफ्ट के प्रकार और सही फोर्कलिफ्ट कैसे चुनें
तीन बातों से चुनें: क्या उठाना है, किस सतह पर चलाना है और कितनी ऊँचाई तक ले जाना है। गाड़ी का नाम इन जवाबों के बाद आता है।
सामान सुरक्षित उठाने-रखने के लिए मशीन का मेल सामान, फ़र्श और जगह से बैठना चाहिए। ये गाइड फ़ोर्कलिफ़्ट की किस्में बताती हैं, यह भी कि लोड सेंटर और उठाने की ऊँचाई बढ़ने पर तय क्षमता क्यों घटती है, और टेलीहैंडलर, पैलेट स्टैकर या रीच स्टैकर कब बेहतर चुनाव हैं। अटैचमेंट, बैटरी बनाम डीज़ल, और इस्तेमाल से पहले ऑपरेटर की जाँच भी शामिल है। पहले क्षमता वाली गाइड पढ़ें, फिर गोदाम और ऊबड़-खाबड़ ज़मीन के काम के लिए फ़ोर्कलिफ़्ट और टेलीहैंडलर की तुलना देखें।

तीन बातों से चुनें: क्या उठाना है, किस सतह पर चलाना है और कितनी ऊँचाई तक ले जाना है। गाड़ी का नाम इन जवाबों के बाद आता है।
फोर्कलिफ्ट पर लिखा टन सिर्फ़ एक तय लोड सेंटर और एक तय लिफ्ट हाइट तक सही है। अपने माल का लोड सेंटर नापें, फिर सप्लायर से घटी हुई क्षमता पूछें।
ट्रक वहाँ के हिसाब से चुनें जहाँ वह सबसे मुश्किल हालात में चलेगा और जितनी शिफ़्ट चलेंगी, फिर उसका सपोर्ट पहले से तय करें: हवा, चार्जिंग, गैस या ईंधन।
बार-बार पैलेट उठाने का काम सख़्त ज़मीन पर हो तो फ़ोर्कलिफ़्ट लें। माल ऊपर, आगे या किसी रुकावट के पार रखना हो तो टेलीहैंडलर लें, और पहले उसका लोड चार्ट देखें।
सबसे भारी लोड, उठाने की ऊंचाई, सबसे नीचा दरवाज़ा और गलियारे की चौड़ाई पहले नापें, फिर रिक्वेस्ट में लिखें, ताकि हर कोटेशन एक ही ट्रक का आए।
फोर्कलिफ्ट को चलने के क्रम में जाँचें: बाहर से, पावर सोर्स, सीट से, फिर लिफ्ट टेस्ट। सेफ्टी खराबी वाली गाड़ी को टैग आउट करके रिपोर्ट करें।