ढलाई एक बार शुरू हो जाए तो बिना योजना के रुकनी नहीं चाहिए, क्योंकि इंतज़ार के दौरान पहले डाला गया कंक्रीट सख़्त होता रहता है। घड़ी बैचिंग के समय से चलने लगती है, यानी पहला ट्रक पहुंचने से पहले ही। यह चेकलिस्ट उस साइट इंजीनियर, फ़ोरमैन या खुद घर बनवा रहे मालिक के लिए है जिसकी ढलाई तय हो चुकी है। इसमें रेडी मिक्स कंक्रीट ऑर्डर करने के तीन चरण हैं: ऑर्डर से पहले, एक दिन पहले और ढलाई के दौरान।
ढलाई के लिए कितना कंक्रीट ऑर्डर करें?
लंबाई, चौड़ाई और गहराई को गुणा करें, तीनों मीटर में। जवाब घन मीटर (m³) में आता है।
उदाहरण के लिए, 10 m लंबा, 6 m चौड़ा और 0.15 m मोटा स्लैब 10 × 6 × 0.15 = 9 m³ होता है। यह सैद्धांतिक मात्रा है।
असल ढलाई में इससे ज़्यादा लगता है। ऊबड़-खाबड़ बेस के गड्ढे भरने में कंक्रीट लगता है। शटरिंग थोड़ी खिसक सकती है। कुछ कंक्रीट गिर जाता है या पंप और पाइप में रह जाता है। अपने काम के लिए कितना अतिरिक्त जोड़ना है, यह इंजीनियर से पूछें और हिसाब के साथ लिख दें, ताकि सब एक ही आंकड़ा इस्तेमाल करें।
आम गलतियां और उनका हल:
- ड्रॉइंग से नाप लेना, साइट से नहीं। ऑर्डर से पहले तैयार बेस के लेवल जांचें।
- बीम, फ़ुटिंग या सीढ़ियां भूल जाना, जो उसी दिन डाली जानी हैं। हर हिस्से को अलग जोड़ें, फिर कुल निकालें।
- इकाइयां मिला देना। सेंटीमीटर और मिलीमीटर को पहले मीटर में बदलें।
सप्लायर से पूछें कि एक मिक्सर ट्रक में कितना कंक्रीट आता है। अपनी मात्रा को उस आंकड़े से भाग दें और नतीजे को ऊपर की ओर पूरा कर लें। इससे ट्रकों की संख्या मिलती है।
रेडी मिक्स सप्लायर को ऑर्डर देते समय क्या जानकारी चाहिए?
सप्लायर "स्लैब के लिए थोड़ा कंक्रीट" सुनकर न कोटेशन दे सकता है, न माल भेज सकता है। ड्रॉइंग और स्पेसिफ़िकेशन से ये बातें तैयार रखें:
| जानकारी | क्यों ज़रूरी है |
|---|---|
| स्ट्रेंथ ग्रेड या स्पेसिफ़िकेशन | इससे मिक्स डिज़ाइन तय होता है। इसे इंजीनियर तय करता है। |
| वर्कएबिलिटी (स्लंप या फ़्लो क्लास) | इससे तय होता है कि मिक्स कितना बहता है और पंप के लिए ठीक है या नहीं। |
| एग्रीगेट का अधिकतम साइज़ | सरिये की दूरी और पंप की लाइन से मेल खाना चाहिए। |
| एडमिक्सचर या खास सीमेंट | सिर्फ़ तब, जब इंजीनियर इन्हें मांगे। |
| मात्रा | आपका हिसाब, तय किए गए अतिरिक्त हिस्से के साथ। |
| डिलीवरी का पता और समय | गेट ढूंढना मुश्किल हो तो साइट का लोकेशन मैप पर भेजें। |
| पंप से डलेगा या नहीं | पंप वाले मिक्स का डिज़ाइन अक्सर अलग होता है। |
जल्दी कोटेशन पाने के लिए ग्रेड या वर्कएबिलिटी का अंदाज़ा न लगाएं। इन्हें स्पेसिफ़िकेशन तय करता है, और गलत मिक्स का मतलब रिजेक्ट हुआ कंक्रीट हो सकता है।
ट्रकों का आना अपनी डालने की रफ़्तार से कैसे मिलाएं?
डिलीवरी की रफ़्तार वही होनी चाहिए जिस रफ़्तार से आपका क्रू कंक्रीट डाल और दबा सकता है। ऐसा न हो तो दो चीज़ें बिगड़ती हैं।
ट्रक डालने की रफ़्तार से तेज़ आएं तो वे साइट पर खड़े रहते हैं और ड्रम में मिक्स पुराना होता जाता है। ट्रक बहुत धीमे आएं तो अगला लोड लगने से पहले पिछला कंक्रीट सख़्त हो जाता है। इससे कोल्ड जॉइंट बन सकता है, यानी तैयार काम के बीच एक कमज़ोर रेखा।
उदाहरण के लिए, मान लें आपका क्रू करीब 10 m³ प्रति घंटा डाल सकता है और एक ट्रक में 6 m³ आता है। तब हर 35 मिनट के आसपास एक ट्रक आए तो काम का मोर्चा चलता रहता है। आपके असली आंकड़े अलग होंगे, इसलिए फ़ोरमैन से डालने की सही रफ़्तार पूछें और सप्लायर को बताएं।
सिर्फ़ पहले ट्रक का समय नहीं, दो ट्रकों के बीच का अंतराल भी तय करें। सप्लायर से योजना की पुष्टि कराएं और उस दिन का डिस्पैचर नंबर लें। पंप लगा है तो उसकी आउटपुट भी आपकी रफ़्तार की सीमा तय करती है। पंप चुनने के लिए बूम पंप बनाम लाइन पंप गाइड देखें।
ढलाई से एक दिन पहले साइट पर क्या तैयार होना चाहिए?
ढलाई के दिन ज़्यादातर देरी साइट की वजह से होती है, प्लांट की वजह से नहीं। इसलिए एक दिन पहले इस सूची के साथ साइट का चक्कर लगाएं।
- रास्ता। लदा हुआ मिक्सर ट्रक भारी होता है। रास्ता, ज़मीन, मुड़ने की जगह और ऊंचाई की रुकावटें जैसे ऊपर की तारें या गेट का फ़्रेम जांचें। गेट पर फंसा एक ट्रक पूरी ढलाई रोक देता है। ट्रकों और पंप के बूम को ऊपर की बिजली लाइनों से दूर रखें और पीछे लेते ट्रक को दिशा देने के लिए एक आदमी रखें। साइट के अपने सुरक्षा नियम मानें।
- शटरिंग और सरिया। पक्की बंधी और सहारा दी हुई, मलबे से साफ़, और जहां ज़रूरी हो वहां इंजीनियर या क्लाइंट के प्रतिनिधि से जांची और मंज़ूर की हुई।
- पंप, अगर लगना है। जगह तय हो, आउटरिगर मज़बूत ज़मीन पर हों जिसे पंप ऑपरेटर ने मान लिया हो, और लाइन का रास्ता साफ़ हो।
- क्रू। डालने, फैलाने, दबाने और फ़िनिशिंग के लिए पर्याप्त प्रशिक्षित लोग, और ट्रकों को दिशा देने वाला एक आदमी।
- वाइब्रेटर। चालू मशीनें, अतिरिक्त हेड, और स्टैंडबाय जनरेटर या बिजली का दूसरा स्रोत। कंक्रीट वाइब्रेटर पहले से किराये पर तय करें, क्योंकि ढलाई के बीच खराबी काम रोक सकती है।
- रोशनी, पानी और फ़िनिशिंग के औज़ार, अगर ढलाई देर तक चल सकती है।
- सैंपल और टेस्टिंग। तय करें कि टेस्ट सैंपल कौन लेगा, और सांचे व उन्हें रखने की जगह तैयार रखें।
सुझाव. एक दिन पहले सप्लायर और पंप ऑपरेटर को फ़ोन करके समय दोबारा पक्का कर लें। छोटा सा फ़ोन खाली बैठे क्रू से सस्ता पड़ता है।
पहला ट्रक पहुंचे तो क्या-क्या जांचें?
पहले ट्रक को अपनी योजना की परीक्षा समझें।
- ट्रक से मिलें और उसे डिस्चार्ज की जगह तक पहुंचाएं।
- डिलीवरी टिकट देखें। ग्रेड, वर्कएबिलिटी, मात्रा और एडमिक्सचर आपके ऑर्डर से मेल खाते हैं या नहीं? बैचिंग और पहुंचने का समय नोट करें। स्पेसिफ़िकेशन बैचिंग से डिस्चार्ज तक समय की सीमा रख सकता है, इसलिए इंजीनियर से पूछें कि आप पर क्या लागू है।
- मिक्स देखें। पूछें कि स्पेसिफ़िकेशन डिलीवरी पर स्लंप या फ़्लो टेस्ट मांगता है या नहीं। मांगता है तो डिस्चार्ज से पहले टेस्ट करें और इंजीनियर की दी सीमाओं से मिलाएं। सिर्फ़ शक्ल देखकर फ़ैसला न करें। मिक्स ऑर्डर से अलग लगे, या बहुत पतला या बहुत कड़ा हो, तो लोड को रोकें और शटरिंग में डालने से पहले इंजीनियर से बात करें।
- सैंपल लें, जैसा स्पेसिफ़िकेशन कहे। क्यूब या सिलेंडर जैसे टेस्ट सैंपल ढलाई के दौरान बाद की स्ट्रेंथ जांच के लिए लिए जाते हैं। उन्हें लेने वाले का नाम आमतौर पर स्पेसिफ़िकेशन में होता है, इसलिए यह बात ढलाई के दिन से पहले तय कर लें।
- परतों में डालें और दबाएं, जैसा इंजीनियर बताए, और हर लोड को उसके टिकट के साथ दर्ज करें।
ध्यान रखें. कंक्रीट को डालना या पंप करना आसान बनाने के लिए साइट पर पानी न मिलाएं, जब तक इंजीनियर ने मंज़ूरी न दी हो। ज़्यादा पानी से जमा हुआ कंक्रीट कमज़ोर होता है। मिक्स बहुत कड़ा लगे तो इंजीनियर या सप्लायर को फ़ोन करें।
सऊदी गर्मी में योजना कैसे बदलें: समय, क्योरिंग और देरी?
गर्मी में कंक्रीट जल्दी सख़्त होता है और जल्दी सूखता है। ज़रूरतें प्रोजेक्ट, साइट मालिक, नगरपालिका और बीमा कंपनी के हिसाब से अलग होती हैं, इसलिए साइट पर काम शुरू करने से पहले अपनी ज़रूरतें पक्की कर लें।
गर्म मौसम में आम तौर पर ये उपाय अपनाए जाते हैं:
- साइट के नियम इजाज़त दें तो ढलाई दिन में जल्दी या रात में करें।
- ट्रकों को धूप में कतार में खड़ा न होने दें। आने का समय आगे-पीछे रखें और छांव का इस्तेमाल करें।
- फ़िनिशिंग पूरी होते ही क्योरिंग शुरू करें, जैसा स्पेसिफ़िकेशन कहे।
- रेडी मिक्स सप्लायर से पूछें कि गर्म मौसम की ढलाई के लिए वे क्या देते हैं।
देरी की भी योजना रखें: ट्रैफ़िक, बंद सड़क, गेट पर धीमी एंट्री। सप्लायर को अपना सबसे देर का मंज़ूर समय बताएं और तय करें कि ट्रक देर से आए तो क्या होगा। साल भर के काम के घंटों के लिए रमज़ान और गर्मी में मशीनों की योजना पढ़ें। धूल और गर्मी का असर आपकी मशीनों पर भी पड़ता है, इसके लिए धूल, रेत और ओवरहीटिंग से मशीनों का बचाव देखें।
ढलाई के बाद क्या करें: बचा कंक्रीट, धुलाई और क्योरिंग?
ये बातें आखिरी ट्रक पहुंचने पर नहीं, पहले ट्रक से पहले तय कर लें।
- बचा हुआ कंक्रीट। ऑर्डर ध्यान से दें, फिर भी थोड़ा बच जाए तो उसे कहां डालना है, यह पहले से जानें। उसे नाली या रास्ता बंद करने वाली जगह पर न फेंकें।
- धुलाई। ट्रकों और पंप की लाइनों को धोना पड़ता है। साइट मालिक या क्लाइंट के साथ धुलाई की जगह तय करें, जो नालियों और पड़ोसियों से दूर हो, और निपटान के स्थानीय नियम मानें।
- क्योरिंग। स्पेसिफ़िकेशन जितने समय तक कहे, उतने समय तक जारी रखें और एक व्यक्ति को ज़िम्मेदार बनाएं।
- रिकॉर्ड। डिलीवरी टिकट, सैंपल का रिकॉर्ड और समय एक ही फ़ाइल में रखें।
कंक्रीट के काम में लगने वाली मशीनों की पूरी तस्वीर के लिए कंक्रीट उपकरणों की जानकारी पढ़ें।
Maedah पर यह कैसे करें
Maedah पर मशीनें लिस्ट होती हैं। कंक्रीट खुद आपके रेडी मिक्स सप्लायर से आता है, इसलिए ग्रेड और समय ऊपर बताए अनुसार उसी से तय करें। ट्रांजिट मिक्सर या कंक्रीट पंप के लिए एक रिक्वेस्ट डालें, जिसमें मशीनें, शहर, नक्शे पर साइट, ढलाई की तारीख और शुरू होने का समय हो। मात्रा, पंप का रास्ता और पहुंच की सीमाएं भी लिखें।
सीलबंद कोटेशन आमने-सामने सजकर आते हैं। देखें कि उनमें क्या शामिल है, जवाब कितनी जल्दी आया और रेटिंग क्या है। ट्रकों के बीच का अंतराल कोटेशन से जुड़ी चैट में तय करें। कीमत और भुगतान सप्लायर से सीधे तय करें, क्योंकि Maedah भुगतान प्रोसेस नहीं करता।







