आप सप्लायर हैं और अपनी मशीन को अच्छी तरह जानते हैं, पर अभी लिस्टिंग का फ़ॉर्म भर रहे हैं। ग्राहक मशीन को पहले खुद जाकर नहीं देख सकता, इसलिए पेज पर ही वे सवालों के जवाब हों जो वह कॉल पर पूछता। यह गाइड बताती है कि मशीन लिस्टिंग में क्या डालें: बुनियादी जानकारी, प्रकार के हिसाब से ज़रूरी संख्याएँ, और पहले से तैयार रखने वाले दस्तावेज़।
ग्राहक कॉल से पहले पूरी स्पेक क्यों देखना चाहता है?
ग्राहक कई मशीनों की तुलना सिर्फ़ उसी जानकारी से करता है जो पेज पर दिखती है। क्षमता, साल या मीटर रीडिंग न हो, तो आपकी मशीन को बाकी मशीनों के साथ रखकर तुलना नहीं हो सकती। ऐसे में ग्राहक की कॉल किसी दूसरी लिस्टिंग के पास चली जाती है।
अधूरी जानकारी से बेवजह की कॉल भी आती हैं, जैसे "क्षमता कितनी है?" या "सर्टिफ़िकेट चालू है या नहीं?" पूरी लिस्टिंग देखकर जो लोग संपर्क करते हैं, वे आँकड़े देख चुके होते हैं और फिर भी मशीन चाहते हैं। व्यूज़ को पूछताछ में बदलने के और तरीकों के लिए मशीन किराये पर ग्राहक कैसे पाएं पढ़ें।
नीचे एक ही मशीन दो तरह से लिखी गई है, उदाहरण के तौर पर:
| कमज़ोर लिस्टिंग | अच्छी लिस्टिंग |
|---|---|
| फ़ोर्कलिफ़्ट 3 टन, अच्छी हालत | डीज़ल फ़ोर्कलिफ़्ट, 500 mm लोड सेंटर पर 3,000 kg रेटेड, मास्ट 4.5 m तक उठता है, 9 अक्टूबर 2026 को पढ़े गए 6,420 घंटे |
मशीन लिस्टिंग में क्या डालें: हर मशीन की बुनियादी जानकारी
किसी भी प्रकार की मशीन हो, ये फ़ील्ड भरें:
- मेक और मॉडल। प्लेट पर जैसा लिखा है, वैसा ही लिखें।
- निर्माण का साल। वह साल नहीं जब आपने मशीन ख़रीदी थी।
- श्रेणी। सबसे नज़दीकी श्रेणी चुनें, ताकि सही ग्राहक मशीन तक पहुँचें।
- शहर जहाँ मशीन मौजूद है। ग्राहक ट्रांसपोर्ट के समय के बारे में सोचता है।
- किराया या बिक्री। अगर दोनों हैं, तो यह साफ़ लिखें।
- घंटे या किलोमीटर। लिस्टिंग के समय मीटर पर जो संख्या है, और वह तारीख़ जिस दिन आपने उसे पढ़ा।
किराये से लौटने पर मीटर रीडिंग अपडेट करें। जो मशीन इस बीच काम कर चुकी है, उसकी पुरानी रीडिंग देखकर ग्राहक को शक होगा।
सुझाव. मीटर की फ़ोटो उसी दिन लें जिस दिन रीडिंग लिखें। यही उस संख्या का सबसे सरल सबूत है।
हर प्रकार की मशीन के लिए कौन-सी संख्याएँ सबसे ज़रूरी हैं?
बुनियादी फ़ील्ड के बाद हर प्रकार की मशीन की कुछ संख्याएँ तय करती हैं कि वह काम में फ़िट होगी या नहीं। इन्हें डेटा प्लेट या निर्माता के मैनुअल से लें। याद से या मिलते-जुलते मॉडल से न लिखें।
| मशीन | ये लिखें | आम गलती |
|---|---|---|
| क्रेन | अधिकतम रेटेड क्षमता, बूम की लंबाई, और यह नोट कि क्षमता बूम की लंबाई, रेडियस और सेट-अप पर निर्भर करती है | सिर्फ़ अधिकतम आँकड़ा लिखना, जो केवल सबसे छोटे रेडियस पर लागू होता है |
| फ़ोर्कलिफ़्ट | रेटेड क्षमता और जिस लोड सेंटर पर वह दी गई है, मास्ट का प्रकार और अधिकतम उठाने की ऊँचाई | लोड सेंटर लिखे बिना क्षमता लिखना |
| सिज़र लिफ़्ट | प्लेटफ़ॉर्म की ऊँचाई, वर्किंग हाइट, प्लेटफ़ॉर्म की क्षमता, इलेक्ट्रिक या डीज़ल, और रफ़ टेरेन या सिर्फ़ समतल स्लैब | प्लेटफ़ॉर्म की ऊँचाई और वर्किंग हाइट को एक ही समझ लेना |
क्रेन। रेटेड क्षमता एक संख्या नहीं है। वह बूम की लंबाई और रेडियस पर निर्भर करती है, और लोड चार्ट में दी होती है।
चार्ट सेट-अप पर भी निर्भर करता है, जैसे आउटरिगर का फैलाव और काउंटरवेट। इसलिए अपनी मशीन का चार्ट साथ लगाएँ या उसका विवरण दें, और लिखें कि वह कौन-सा सेट-अप कवर करता है। ग्राहक को चार्ट खुद पढ़ने दें। मदद चाहिए तो उन्हें क्रेन लोड चार्ट कैसे पढ़ें की ओर भेजें।
फ़ोर्कलिफ़्ट। क्षमता एक तय लोड सेंटर पर दी जाती है, जो आम तौर पर 500 mm होता है। अगर लोड सेंटर ज़्यादा दूर हो, मास्ट बहुत ऊँचा उठा हो, या कोई अटैचमेंट लगा हो, तो सुरक्षित क्षमता घट जाती है।
डेटा प्लेट पर उसी मशीन की क्षमता लिखी होती है, जैसी वह लगी हुई है। लोड सेंटर और उठाने की ऊँचाई दोनों लिखें, ताकि ग्राहक अपने लोड की जाँच खुद कर सके। पूरा तर्क फ़ोर्कलिफ़्ट लोड सेंटर क्या है और क्षमता क्यों घटती है में है।
सिज़र लिफ़्ट। प्लेटफ़ॉर्म की ऊँचाई वह ऊँचाई है जहाँ प्लेटफ़ॉर्म का फ़र्श होता है। वर्किंग हाइट इससे ज़्यादा होती है, क्योंकि प्लेटफ़ॉर्म पर खड़ा व्यक्ति उससे ऊपर तक पहुँच सकता है।
सर्च करते समय ग्राहक अक्सर वर्किंग हाइट डालते हैं, इसलिए दोनों दें। साथ में प्लेटफ़ॉर्म की क्षमता लिखें, बताएँ कि मशीन इलेक्ट्रिक है या डीज़ल, और यह भी कि वह रफ़ टेरेन है या सिर्फ़ समतल स्लैब के लिए। इन आँकड़ों का मतलब सिज़र लिफ़्ट कैसे चुनें में समझाया गया है।
बूम और मैन लिफ़्ट। ज़्यादातर कामों में सिर्फ़ ऊँचाई नहीं, बग़ल में पहुँच भी चाहिए। इसलिए आड़ी पहुँच (हॉरिज़ॉन्टल आउटरीच) भी जोड़ें।
जनरेटर। रेटिंग kVA और kW, दोनों में लिखें। यह भी बताएँ कि रेटिंग प्राइम है या स्टैंडबाय, फ़ेज़, वोल्टेज और फ़्रीक्वेंसी (50 या 60 Hz), और मशीन खुली है या साइलेंट कैनोपी में।
प्राइम रेटिंग बदलते लोड पर लगातार चलने के लिए होती है। स्टैंडबाय आपातकालीन बैकअप और कम चलने के घंटों के लिए होती है। रेटिंग का प्रकार कभी न छोड़ें। अंतर के लिए प्राइम, स्टैंडबाय और कंटिन्यूअस जनरेटर रेटिंग देखें।
बाकी मशीनें। किसी और मशीन के लिए निर्माता की स्पेक शीट से मुख्य आँकड़े लें, जैसे एक्सकेवेटर का ऑपरेटिंग वज़न और बकेट का साइज़।
कौन-से दस्तावेज़ तैयार रखें, और ग्राहक उन पर क्या जाँचता है?
ग्राहक आम तौर पर नीचे दिए दस्तावेज़ माँगते हैं। लिस्टिंग से पहले इन्हें तैयार रखें, और आख़िरी कॉलम में लिखी बातें जाँच लें।
| दस्तावेज़ | कब माँगा जाता है | ग्राहक क्या जाँचता है |
|---|---|---|
| ओनरशिप या रजिस्ट्रेशन | किराये और बिक्री में मालिकाना सबूत; सड़क पर चलने वाली मशीनों और ट्रेलरों के लिए रजिस्ट्रेशन | मशीन और विक्रेता से मेल खाता है |
| इंस्पेक्शन सर्टिफ़िकेट | किराये पर दी गई और बेची गई मशीनों पर अक्सर माँगा जाता है; लिफ़्टिंग उपकरण के लिए इंस्पेक्टर या इंस्पेक्शन बॉडी का सर्टिफ़िकेट | सीरियल नंबर और एक्सपायरी की तारीख़ |
| ऑपरेटर सर्टिफ़िकेट | जब आप ऑपरेटर भी देते हैं | चालू हैं और मशीन के प्रकार के लिए ठीक हैं |
| इंश्योरेंस की जानकारी | किराया, और क्लाइंट की साइट पर काम | कौन कवर है, किस चीज़ के लिए, और कब तक |
| मेंटेनेंस रिकॉर्ड | इस्तेमाल की गई मशीनें, लंबी अवधि का किराया | सर्विस और मरम्मत की तारीख़ें घंटों से मेल खाती हैं |
हर सर्टिफ़िकेट के लिए दो नियम हैं। उस पर मशीन का सीरियल नंबर दर्ज हो, और वह तारीख़ में वैध हो। किसी दूसरी मशीन का सर्टिफ़िकेट आपकी मशीन के बारे में ग्राहक को कुछ नहीं बताता।
लिस्टिंग पर सर्टिफ़िकेट की एक्सपायरी की तारीख़ लिखें। अगर नवीनीकरण (रिन्यूअल) बुक हो चुका है, तो विवरण में यह लिखें और नया सर्टिफ़िकेट मिलते ही अपलोड करें। सर्टिफ़िकेट में क्या दिखना चाहिए, यह लिफ़्टिंग उपकरण के इंस्पेक्शन सर्टिफ़िकेट में क्या जाँचें में है।
नोट. ज़रूरतें प्रोजेक्ट, साइट के मालिक, नगरपालिका और इंश्योरर के हिसाब से अलग होती हैं। आपकी लिस्टिंग बताती है कि मशीन में क्या है, और ग्राहक खुद जाँचता है कि वह उसकी साइट की ज़रूरतों पर खरी उतरती है।
कंडीशन, घंटे और अटैचमेंट ईमानदारी से कैसे लिखें?
सच और ठोस लिखें। "अच्छी हालत" का मतलब हर किसी के लिए अलग होता है। उसकी जगह लिखें: "6,200 घंटे पर आख़िरी सर्विस हुई, नए टायर लगे हैं, बाईं पैनल पर छोटा डेंट है।"
ज्ञात खराबी और पिछली मरम्मत भी लिखें। डिलीवरी पर कोई समस्या निकली, तो ग्राहक का भरोसा बाकी लिस्टिंग से भी उठ जाएगा।
घंटों के लिए मीटर की रीडिंग लिखें। मोबाइल क्रेन में दो आवर मीटर हो सकते हैं, एक कैरियर का और एक क्रेन के इंजन का। दोनों लिखें। अगर मीटर बदला गया है या काम नहीं करता, तो यह भी लिखें, ताकि ग्राहक खाली जगह को सबसे बुरे अंदाज़े से न भरे।
मशीन के साथ जो भी आता है, वह सब लिखें, जैसे:
- एक्सकेवेटर पर बकेट के साइज़, या ब्रेकर
- फ़ोर्कलिफ़्ट पर फ़ोर्क, और साइड-शिफ़्ट या कोई दूसरा अटैचमेंट
- आउटरिगर वाली क्रेन या किसी भी लिफ़्ट पर आउटरिगर पैड
- रिमोट कंट्रोल या चार्जर
फिर साफ़ लिखें कि क्या अलग से लेना होगा। जो ग्राहक दो कोटेशन की तुलना कर रहा है, उसे पता होना चाहिए कि एक में आउटरिगर पैड शामिल हैं और दूसरे में नहीं। वरना सस्ता कोटेशन सिर्फ़ सस्ता दिखता है।
लिस्टिंग में क्या नहीं लिखना चाहिए?
जिस बात को आप साबित नहीं कर सकते, उसे न लिखें:
- वह क्षमता जो आपने प्लेट या मैनुअल से नहीं पढ़ी। गलत आँकड़ा सिर्फ़ बिक्री की नहीं, सुरक्षा की समस्या है।
- एक्सपायर्ड सर्टिफ़िकेट, या जो किसी और मशीन का हो।
- ऐसे दावे जो सिद्ध न हों, जैसे "किसी भी साइट के लिए मंज़ूर"। मंज़ूरी क्लाइंट तय करता है, आप नहीं।
- फ़ोटो या विवरण में निजी फ़ोन नंबर या संपर्क की जानकारी। प्लेटफ़ॉर्म जो संपर्क के विकल्प देता है, उन्हीं का इस्तेमाल करें।
- किसी और मशीन की फ़ोटो, चाहे वह उसी मॉडल की हो।
कोई विवरण पक्का न हो, तो कम लिखें। फ़ोटो और लिखा हुआ आपस में मेल खाने चाहिए। भारी मशीन की लिस्टिंग के लिए फ़ोटो की सूची में प्लेट, मीटर और अटैचमेंट की फ़ोटो बताई गई हैं।
Maedah पर यह कैसे करें
लिस्टिंग जोड़ते समय श्रेणी और शहर चुनें, फ़ोटो लगाएँ, स्पेक और सर्टिफ़िकेट डालें, और रोज़ाना, साप्ताहिक या मासिक किराये की दरें या बिक्री की कीमत लिखें। मीटर की रीडिंग और उसकी तारीख़ विवरण में लिखें।
ग्राहक रिक्वेस्ट डाल सकता है, जिसमें मशीन, शहर, तारीख़ और ज़रूरतें लिखी हों। यह रिक्वेस्ट उस श्रेणी के उन सप्लायर तक पहुँचती है जो उस शहर में सेवा देते हैं, और सप्लायर सील्ड कोटेशन भेजता है। Maedah पेमेंट प्रोसेस नहीं करता। कीमत और भुगतान आप ग्राहक से सीधे तय करते हैं।








