आपके पास ड्रॉइंग और समय-सारणी है, अब किराये की सूची को काम के हिसाब से मिलाना है। यह गाइड उन ठेकेदारों, डेवलपरों और प्रोजेक्ट मैनेजरों के लिए है जो स्टील फ्रेम वाला गोदाम या हल्का फैक्ट्री शेड बना रहे हैं। नीचे गोदाम निर्माण के लिए मशीनें काम के क्रम में दी गई हैं, और हर बड़ी मशीन के साथ वह एक बात भी, जो उसका फैसला करती है।
गोदाम निर्माण के लिए मशीनें किन चरणों में लगती हैं?
स्टील फ्रेम वाली इमारत में कॉलम, रैफ्टर और पर्लिन जैसे फैब्रिकेटेड मेंबर और शीट आते हैं। इन्हें तैयार नींव पर एंकर बोल्ट से खड़ा किया जाता है, और यह स्टील सप्लायर या इंजीनियर के इरेक्शन प्लान के अनुसार होता है। हर बड़ी मशीन किसी एक चरण से जुड़ी होती है, इसलिए किसी चरण में देर हो तो उसके बाद की मशीन की तारीख भी खिसकती है।
| चरण | क्या तय करता है | आम तौर पर लगने वाली मशीनें |
|---|---|---|
| साइट की तैयारी | लेवल, मिट्टी भराई और रास्ता | एक्सकेवेटर, लोडर, टिपर, रोलर, वॉटर टैंकर |
| नींव | मिट्टी की रिपोर्ट और डिज़ाइन | एक्सकेवेटर; पाइलिंग रिग तभी जब इंजीनियर माँगे |
| फ्लोर स्लैब | स्लैब का आकार और डालने का तरीका | कंक्रीट पंप, पावर ट्रॉवेल, फ्लोर सॉ |
| स्टील इरेक्शन | सबसे भारी और सबसे लंबा मेंबर | क्रेन, एक्सेस लिफ्ट, फोर्कलिफ्ट या टेलीहैंडलर |
| छत और क्लैडिंग | ऊँचाई और किनारे तक पहुँच | बूम लिफ्ट, सिज़र लिफ़्ट, टेलीहैंडलर |
सभी तरह की इमारतों के लिए चरण-वार क्रम देखना हो तो निर्माण चरण के हिसाब से मशीनों की योजना पढ़ें।
साइट की तैयारी और मिट्टी के काम में कौन-सी मशीन चाहिए?
मिट्टी का काम ही निर्माण की ज़मीन तैयार करता है। मिट्टी खोदने और ढोने के लिए आम तौर पर एक्सकेवेटर, व्हील लोडर और टिपर ट्रक लगते हैं। भराई दबाने के लिए रोलर चाहिए, और पानी का टैंकर मिट्टी में नमी देकर उसे दबाने और धूल दबाने के काम आता है। भराई की परत कितनी मोटी हो और कितनी दबाई जाए, यह इंजीनियर तय करता है, इसलिए रोलर की संख्या आदत से न गिनें।
सुझाव. क्रेन के खड़े होने की जगह इसी चरण में पक्की और समतल कर लें, क्योंकि बाद में ठीक करना मुश्किल होता है। क्रेन सप्लायर से आउटरिगर का भार पूछें और इंजीनियर से पुष्टि करवाएँ कि ज़मीन उसे सह सकती है।
नींव में पाइलिंग कब चाहिए, और सादी फुटिंग कब काफ़ी है?
एंकर बोल्ट स्टील को नींव से बाँधते हैं। उनकी जगहें स्टील की ड्रॉइंग से मिलाएँ, इससे पहले कि स्टील साइट पर आए। गलत बोल्ट बाद में ठीक करना कठिन है, जब कंक्रीट जम चुका हो।
पाइलिंग की ज़रूरत तब पड़ती है जब मिट्टी की जाँच रिपोर्ट, जिसे जियोटेक्निकल रिपोर्ट भी कहते हैं, बताए कि साधारण फुटिंग काफ़ी नहीं हैं। यह फैसला इंजीनियर करता है, और ड्रॉइंग व रिपोर्ट से पाइल का प्रकार और रिग तय होता है। पाइलिंग रिग के प्रकार: बोरड, CFA और ड्रिवन पाइल में अंतर समझाया गया है, और पाइल ड्राइवर के सप्लायर भी देखे जा सकते हैं।
पाइलिंग सप्लायर से पूछें कि रिग को कौन-सी पहुँच और वर्किंग प्लेटफ़ॉर्म चाहिए, और उसके साथ कौन-सी सहायक मशीनें आती हैं, जैसे क्रेन या कंक्रीट की आपूर्ति।
फ्लोर स्लैब के लिए पंप, ट्रॉवेल और सॉ कब चाहिए?
बड़ा फ्लोर स्लैब बे (खंड) में डाला जाता है। सतह तैयार होने पर हर बे को पावर ट्रॉवेल से फिनिश किया जाता है, और जोड़ फ्लोर सॉ से उस समय काटे जाते हैं जो स्पेसिफिकेशन में लिखा हो। गर्मी में डालने और क्योरिंग के नियम स्पेसिफिकेशन में अलग से हो सकते हैं, इसलिए पूर का समय तय करने से पहले इंजीनियर से पूछें।
कंक्रीट पंप तीन स्थितियों में काम आता है: मिक्सर ट्रक बे तक न पहुँच पाएँ, कोई बे ट्रक के रास्ते से बहुत दूर हो, या डालने की रफ़्तार बनाए रखनी हो। अगर हर बे तक ट्रक पहुँच जाएँ और चुट से डिस्चार्ज हो सके, तो पंप शायद ज़रूरी न हो। पंप को अपने लिए और मिक्सर ट्रकों के लिए रास्ता, पक्का स्टैंड और कंक्रीट डालने का साफ़ रास्ता चाहिए। स्लैब के हिसाब से पंप चुनने के लिए बूम पंप और लाइन पंप में अंतर पढ़ें।
ट्रॉवेल कितने लगेंगे, यह बे के आकार और कंक्रीट कितनी जल्दी जमती है, इस पर निर्भर है। गर्मी फिनिशिंग का समय कम कर देती है। बुक करने से पहले स्लैब ठेकेदार से उसकी ट्रॉवेल और पूर की योजना माँगें, क्योंकि वह अपनी फिनिशिंग मशीनें साथ ला सकता है। फ्लोर सॉ, ईंधन और अतिरिक्त ब्लेड जोड़ काटने के समय के लिए तैयार रखें।
स्टील इरेक्शन के लिए कौन-सी क्रेन और एक्सेस उपकरण चाहिए?
यह अक्सर पूरे निर्माण की सबसे बड़ी किराये की मशीन होती है। क्रेन उसके सबसे भारी लिफ्ट और सबसे लंबे मेंबर से चुनी जाती है। साथ ही देखा जाता है कि उसे कितनी दूरी और कितनी ऊँचाई तक पहुँचना है (रेडियस और ऊँचाई), और यह दूरी उस जगह से मापी जाती है जहाँ क्रेन खड़ी हो सकती है।
उदाहरण के लिए, मान लें सबसे भारी लिफ्ट रिज पर लगने वाला एक लंबा रैफ्टर है, और उसके लिए इमारत की लाइन के बाहर ही पक्की ज़मीन मिलती है। तब वहाँ से रेडियस ही क्रेन तय कर सकता है, अकेला वज़न नहीं। रेटिंग कैसे पढ़ें, यह क्रेन कैपेसिटी कैसे चुनें: सबसे भारी लिफ्ट के लिए में है। संख्याएँ मिल जाएँ तो क्रेन की सूची देखें।
सप्लायर को अपनी रिक्वेस्ट के साथ ये बातें भेजें:
- स्टील इरेक्टर से सबसे भारी और सबसे लंबे मेंबर का वज़न।
- हर मेंबर कहाँ से उठेगा और कहाँ रखा जाएगा, ताकि सप्लायर रेडियस निकाल सके।
- ईव और रिज की ऊँचाई।
- जिस ज़मीन पर क्रेन खड़ी होगी, उसकी स्थिति और मिट्टी का प्रकार।
- इरेक्शन शुरू और खत्म होने की तारीखें।
बोल्ट लगाने और कसने के लिए बूम लिफ्ट या सिज़र लिफ़्ट, और छोटे मेंबर व बंडलों के लिए फोर्कलिफ्ट या टेलीहैंडलर, इन्हें क्रेन के साथ ही योजना में रखें।
साइट और क्लाइंट की ज़रूरत के हिसाब से क्रेन का मौजूदा इंस्पेक्शन सर्टिफ़िकेट (उसमें क्या जाँचें) और ऑपरेटर का वैध सर्टिफ़िकेट माँगें। यह भी पूछें कि लिफ्ट प्लान कौन बनाएगा और कौन मंज़ूर करेगा (क्रेन लिफ्ट प्लान चेकलिस्ट)। प्लान को क्रेन सप्लायर, स्टील इरेक्टर और साइट के सुरक्षा प्रभारी के साथ लिखित में पक्का करें।
छत की शीट और क्लैडिंग के लिए कौन-सी लिफ्ट चाहिए?
लिफ्ट का चुनाव इस पर निर्भर है कि काम कहाँ हो रहा है।
| लिफ्ट | किसके लिए ठीक है | किस बात का ध्यान रखें |
|---|---|---|
| बूम लिफ्ट | इमारत के बाहर ईव तक और रुकावटों के ऊपर से पहुँचना | बेस के लिए पक्की, समतल ज़मीन |
| सिज़र लिफ़्ट | समतल फ़र्श; छत के नीचे का काम, जैसे पर्लिन, ब्रेसिंग और सर्विस | नए स्लैब पर पहियों का भार |
| टेलीहैंडलर | शीट के बंडल ईव तक उठाना | पूरी पहुँच पर उसका लोड चार्ट, सुरक्षित रूप से बँधा माल और उतारने की जगह की ज़मीन |
नए स्लैब पर सिज़र लिफ़्ट के पहियों का भार एक जगह केंद्रित रहता है। लिफ्ट सप्लायर से मशीन का पहिया-भार पूछें, फिर इंजीनियर या स्लैब ठेकेदार से पुष्टि करवाएँ कि स्लैब अपनी इस उम्र में इसे सह सकता है या नहीं।
सुझाव. लिफ्ट, टेलीहैंडलर और क्रेन पर हवा की सीमा लागू होती है, और शीटें हवा को जल्दी पकड़ती हैं। हर सप्लायर से मशीन की निर्माता-निर्धारित हवा की सीमा पूछें और तय करें कि हवा तेज़ होने पर काम कौन रोकेगा।
छत का काम शांत घंटों में रखने की योजना बनाएँ। धूल और गर्मी भी काम के घंटों पर असर डालती हैं, इसलिए शिफ्ट बनाने से पहले साइट के नियम पक्के कर लें।
छत और ईव के किनारे के हर काम में किनारे की सुरक्षा (एज प्रोटेक्शन) और फॉल प्रोटेक्शन के इंतज़ाम चाहिए, जो साइट की सुरक्षा योजना तय करती है। लिफ्ट इनकी जगह नहीं लेती। पूरी तुलना के लिए सिज़र लिफ़्ट या मैन लिफ़्ट: कौन सी चाहिए? पढ़ें।
डिलीवरी, बिजली और साइट की सुविधाएँ कैसे तय करें?
स्टील और क्लैडिंग ट्रेलर पर आते हैं। पहला ट्रेलर पहुँचने से पहले तय करें कि माल कौन उतारेगा, किस फोर्कलिफ्ट, टेलीहैंडलर या क्रेन से, और माल कहाँ रखा जाएगा।
एक आम गलती यह है कि सिर्फ़ इरेक्शन के लिए क्रेन बुक की जाए। तब ट्रेलर ऐसी मशीन के बिना कतार में खड़े रहते हैं जो उन्हें उतार सके।
- बिजली: वेल्डिंग, औज़ारों और साइट की रोशनी के लिए जनरेटर, अगर ग्रिड कनेक्शन अभी उपलब्ध न हो।
- साइट की सुविधाएँ: ऑफिस, सामान रखने और कर्मचारियों के लिए साइट केबिन।
- माल रखने की जगह: स्टील के लिए पक्की, समतल ज़मीन। यह क्रेन की पहुँच के भीतर हो, पर उसके चलने के रास्ते, लोगों और ट्रैफ़िक से दूर हो। लेआउट स्टील इरेक्टर और क्रेन सप्लायर के साथ तय करें, क्योंकि उठाने के बिंदु ही रेडियस तय करते हैं।
Maedah पर यह कैसे करें?
जिस चरण की मशीन अभी बुक करनी है, उसके लिए एक प्रोजेक्ट रिक्वेस्ट डालें। उसमें मशीनें और संख्या, शहर और नक्शे पर साइट, तारीखें, और ऑपरेटर, बीमा या इंस्पेक्शन सर्टिफ़िकेट जैसी शर्तें लिखें। जो सप्लायर वे श्रेणियाँ देते हैं और आपके शहर में सेवा देते हैं, वे सील्ड कोटेशन भेजते हैं। ये कोटेशन साथ-साथ दिखते हैं, ताकि आप देख सकें कि क्या शामिल है, जवाब में कितना समय लगता है और रेटिंग कैसी है। रिक्वेस्ट डालें, फिर जिस सप्लायर को चुनें, उसके साथ कीमत और भुगतान आपस में तय करें।








