मशीनें किराये पर लेना

रेंटल कोटेशन की तुलना: एक जैसी शर्तों पर

हर कोटेशन को एक ही अवधि, एक जैसे घंटों और एक जैसे अतिरिक्त खर्चों पर लाइए, फिर सिर्फ़ रेट नहीं, पूरे हायर की कुल लागत और जोखिम की तुलना कीजिए।

मुख्य बातें

  • रेट का मतलब तभी है जब उसकी यूनिट, उसके वर्किंग घंटे और उन घंटों के बाद की शर्त पता हो।
  • हर कोटेशन को उसी की अपनी शर्तों से एक ही अवधि और एक जैसे घंटों के लिए निकालिए, फिर अलग से लिखे खर्च जोड़िए।
  • जिस कोटेशन में वह लाइन नहीं है जो बाकियों में है, वह सस्ता नहीं, अधूरा है। सप्लायर से उसे पूरा करवाइए।
  • मिनिमम हायर, स्टैंडबाय दिन और ब्रेकडाउन की शर्तें देखिए। कुल रकम अक्सर रेट से ज़्यादा इन्हीं से बदलती है।
  • सवाल लिखकर पूछिए, कोटेशन पर या उसकी चैट में, कोटेशन स्वीकार करने से पहले।

आपने कई सप्लायर से एक ही काम के लिए कोटेशन मांगे, पर जवाब आपस में मेल नहीं खाते। एक ने रोज़ का रेट भेजा, दूसरे ने महीने का, और तीसरे ने ट्रांसपोर्ट का ज़िक्र ही नहीं किया। इस गाइड में रेंटल कोटेशन की तुलना एक ही टेबल में करने का तरीका है, ताकि छूटी हुई लाइन साइन करने से पहले दिख जाए, इनवॉइस में नहीं।

सबसे कम रकम वाले कोटेशन में कुल खर्च कम क्यों नहीं निकलता?

हेडलाइन रेट पूरे बिल का सिर्फ़ एक हिस्सा है। दो सप्लायर एक ही मशीन का कोटेशन दे सकते हैं और दोनों का मतलब बिल्कुल अलग हो सकता है।

एक का रेट प्रति दिन हो सकता है, दूसरे का प्रति माह। एक में आठ घंटे का काम शामिल हो सकता है, दूसरे में दस घंटे। किसी में ऑपरेटर और ट्रांसपोर्ट शामिल हो सकता है, किसी में नहीं।

इसलिए सबसे कम रकम अक्सर उसी कोटेशन की होती है जिसमें सबसे कम बातें लिखी हैं। मान लीजिए कोटेशन A में ऑपरेटर और ट्रांसपोर्ट शामिल हैं और कोटेशन B में नहीं। B तब तक सस्ता दिखता है, जब तक आप ये दोनों लाइनें जोड़ नहीं लेते।

रेट में आम तौर पर क्या आता है, यह जानने के लिए पढ़िए रेंटल रेट में क्या शामिल होता है और क्या छूट जाता है।

सारे कोटेशन एक जैसी शर्तों पर कैसे लाएं?

पूरे काम के लिए एक कुल अवधि और एक कामकाजी पैटर्न तय कीजिए। जैसे, "26 कार्यदिवस, रोज़ 8 घंटे"। फिर हर कोटेशन को इसी काम के हिसाब से निकालिए।

  1. यूनिट देखिए। रेट प्रति दिन है, प्रति सप्ताह या प्रति माह?
  2. घंटे देखिए। एक यूनिट में कितने वर्किंग घंटे शामिल हैं? उससे ऊपर के घंटों का क्या चार्ज है?
  3. अपनी अवधि के हिसाब से निकालिए, उसी सप्लायर की शर्तों पर। रेट को सीधी गुणा से मत बढ़ाइए। मासिक रेट में आम तौर पर तय कार्यदिवस और घंटे माने जाते हैं, और दैनिक रेट की अपनी मान्यता होती है। अलग यूनिट वाले कोटेशन शायद ही कभी एक तरह से बढ़ते हैं।
  4. अलग से लिखे खर्च जोड़िए। ऑपरेटर, फ्यूल, मशीन को साइट तक लाने और वापस ले जाने का ट्रांसपोर्ट (मोबिलाइज़ेशन और डिमोबिलाइज़ेशन), इंश्योरेंस और VAT।
  5. नतीजा एक टेबल में लिखिए। हर कोटेशन का एक कॉलम, हर खर्च की एक पंक्ति।

तीसरे चरण में इन शर्तों पर नज़र रखिए

  • मिनिमम हायर या मिनिमम चार्ज। छोटे काम का बिल भी ऐसे बन सकता है जैसे काम लंबा था।
  • मासिक रेट में कार्यदिवस। "एक महीना" का मतलब कितने दिन है, और उससे ऊपर क्या चार्ज लगता है?
  • स्टैंडबाय या खाली दिन। मौसम, साइट तैयार न होने या एक्सेस के इंतज़ार में काम रुके, तो क्या वे दिन भी चार्ज होंगे?
  • ड्राई हायर या वेट हायर। ड्राई हायर में सिर्फ़ मशीन मिलती है। वेट हायर में ऑपरेटर और कभी-कभी फ्यूल भी शामिल होता है। हर कोटेशन में देखिए कि कौन-सा है; वेट हायर बनाम ड्राई हायर में फ़र्क समझाया है।
  • ब्रेकडाउन। मशीन खराब रहने पर क्या रेट रुक जाता है?

एक उदाहरण

कोटेशन A मासिक है, जिसमें रोज़ 10 घंटे शामिल हैं। आपका काम 26 दिन का है, रोज़ 8 घंटे। कोटेशन B दैनिक है, जिसमें 8 घंटे शामिल हैं। दोनों को 26 दिन और 8 घंटे के लिए उन्हीं की शर्तों पर निकालिए, मिनिमम और स्टैंडबाय के नियम समेत। फिर दोनों में अलग लाइनें जोड़िए। आख़िर में दोनों रेट नहीं, दोनों कुल रकम की तुलना कीजिए।

टेबल का एक सीधा ढांचा:

लाइनकोटेशन Aकोटेशन Bकोटेशन C
रेट की यूनिट और शामिल घंटे
आपकी अवधि का किराया
मिनिमम हायर / स्टैंडबाय दिन
मशीन खराब रहने पर रेट
ओवरटाइम या अतिरिक्त घंटों की शर्त
ऑपरेटर
फ्यूल
साइट तक और वापसी का ट्रांसपोर्ट
इंश्योरेंस
VAT लिखा है या नहीं
पेमेंट की शर्तें और डिपॉज़िट
कोटेशन कितने समय तक मान्य है
पूरे हायर की कुल रकम

जहां कोटेशन में कुछ नहीं लिखा, वहां शून्य नहीं, "नहीं लिखा" लिखिए।

किन लाइनों में सबसे बड़ा फ़र्क छिपा होता है?

टेबल में हर लाइन है। इन चार पर ज़्यादा सोच-विचार चाहिए।

  • ऑपरेटर। अगर शामिल है, तो ऑपरेटर के इंतज़ार के घंटों का खर्च कौन उठाएगा?
  • फ्यूल। मशीन आने से पहले पूछ लीजिए कि फ्यूल कैसे नापा जाएगा, जैसे टैंक के लेवल से या रसीदों से।
  • ट्रांसपोर्ट। शहरों और बंदरगाहों के बीच की दूरी बहुत लंबी हो सकती है। पूछिए कि ट्रांसपोर्ट सप्लायर के यार्ड से आपकी साइट तक और वापसी का है या सिर्फ़ एक तरफ़ का, और मशीन गेट पर रुकी रहे तो खर्च किसका होगा।
  • VAT। कोटेशन में न लिखा हो तो पूछिए। यह भी पूछिए कि कोटेशन और इनवॉइस में VAT उस रूप में दिखेगा या नहीं जो आपकी फ़ाइनेंस टीम को चाहिए। ज़रूरतें कंपनी के हिसाब से अलग होती हैं, इसलिए उनसे पुष्टि कर लीजिए।

ध्यान रखें. छूटी हुई लाइन बचत नहीं है। अगर कोटेशन A में ट्रांसपोर्ट है और B में नहीं, तो B अधूरा है। सप्लायर से उसे पूरा करवाइए, फिर दोबारा तुलना कीजिए।

कीमत के अलावा मशीन और कागज़ात में क्या जांचें?

"20 टन का एक्सकेवेटर" लिखे दो कोटेशन अलग-अलग मशीनों के हो सकते हैं। मशीन की ही तुलना कीजिए:

  • मेक और मॉडल
  • निर्माण का साल
  • क्षमता या साइज़
  • मौजूदा इंस्पेक्शन सर्टिफ़िकेट की तारीख़ और एक्सपायरी, जहां सर्टिफ़िकेट ज़रूरी हो

अगर ऑपरेटर सप्लायर देता है, तो उस मशीन के लिए ऑपरेटर के लाइसेंस या योग्यता का सबूत मांगिए; देखिए ऑपरेटर की योग्यता कैसे जांचें।

लिफ़्टिंग उपकरण के लिए मौजूदा इंस्पेक्शन सर्टिफ़िकेट आम तौर पर ज़रूरी होता है, और कई साइटें उसके बिना मशीन अंदर नहीं आने देतीं। मशीन भेजे जाने से पहले साइट के मालिक और इंश्योरर से पूछ लीजिए कि उन्हें क्या चाहिए। देखिए लिफ़्टिंग उपकरण के इंस्पेक्शन सर्टिफ़िकेट में क्या जांचें। लिस्टेड मशीनों के स्पेसिफ़िकेशन कैसे दिखते हैं, यह देखने के लिए लिफ़्टिंग उपकरण या खुदाई उपकरण देखिए।

मोबिलाइज़ करने से पहले साइट के मालिक से मशीन और ऑपरेटर के साइट में प्रवेश की भी पुष्टि कर लीजिए। फिर पूछिए कि कौन-सा इंश्योरेंस लागू है और किसे कवर करता है। सवाल मशीन पहुंचने से पहले इंश्योरेंस के सवाल में हैं।

स्पीड और रेटिंग को कितना वज़न दें?

पहले कीमत और काम का दायरा आता है। स्पीड और रेटिंग टाई तोड़ने वाली और जोखिम का संकेत देने वाली बातें हैं।

जो सप्लायर जल्दी और साफ़ जवाब देता है, वह शायद काम भी वैसे ही संभालेगा, लेकिन यह संकेत है, वादा नहीं। अच्छी रेटिंग से पिछला रिकॉर्ड पढ़ने को मिलता है। इनमें से कोई भी पूरे कोटेशन की जगह नहीं लेता।

जब दो कोटेशन की कुल लागत करीब हो, तो वह चुनिए जिसका दायरा साफ़ हो, मशीन सही हो और रिकॉर्ड बेहतर हो। जब फ़र्क बड़ा हो, तो स्पीड या रेटिंग से फ़ैसला करने से पहले कारण पता कीजिए।

कोटेशन कब इतना अलग हो कि तुलना ही न हो सके?

कुछ कोटेशन आमने-सामने रखे ही नहीं जा सकते। उन्हें ज़बरदस्ती मत मिलाइए।

  • अलग मशीन। छोटी या पुरानी मशीन अलग चीज़ है, उसी मशीन का सस्ता रेट नहीं।
  • आंशिक कवर। कई मशीनों वाली रिक्वेस्ट में जो कोटेशन सिर्फ़ कुछ मशीनें कवर करता है, उसकी सीधी तुलना उस कोटेशन से नहीं हो सकती जो सभी को कवर करता है।
  • अलग काम। एक कोटेशन ड्राइवर के साथ एक सप्ताह का मानता है, दूसरा सेल्फ़-ड्राइव और एक महीने का। दोनों से आपके काम के हिसाब से दोबारा कोटेशन मांगिए।

अगर एक सवाल के बाद भी कोटेशन साफ़ न हो, तो इसे संकेत मानिए कि आगे हायर कैसा चल सकता है।

स्वीकार करने से पहले क्या पूछें?

टेबल में कीमत की लाइनें आ जाती हैं। जो उसमें नहीं आता, उसके बारे में ये सवाल पूछिए।

  • ठीक कौन-सी मशीन आएगी (मेक, मॉडल, साल)?
  • उसके इंस्पेक्शन सर्टिफ़िकेट की तारीख़ और एक्सपायरी क्या है?
  • इस तरह की मशीन के लिए ऑपरेटर की योग्यता का सबूत कैसे दिखाया जाएगा?
  • मशीन खराब हो जाए तो कितनी जल्दी ठीक होगी या बदली जाएगी?
  • यह कोटेशन किस तारीख़ तक मान्य है?

पेमेंट, डिपॉज़िट, जल्दी वापसी और अवधि बढ़ाने की बातें कॉन्ट्रैक्ट में तय होनी चाहिए। इन्हें रेंटल कॉन्ट्रैक्ट चेकलिस्ट से तय कीजिए, और सप्लायर के जवाब कोटेशन के साथ रखिए।

Maedah पर यह कैसे करें

एक रिक्वेस्ट डालिए जिसमें मशीन, संख्या, शहर, नक्शे पर साइट, तारीख़ें और ज़रूरतें हों। रेंटल रिक्वेस्ट में क्या लिखें देखिए, फिर अपनी रिक्वेस्ट डालिए।

कोटेशन सीलबंद आते हैं, इसलिए सप्लायर एक-दूसरे की कीमतें नहीं देख पाते। वे कीमत, क्या शामिल है, जवाब देने का समय और रेटिंग के साथ आमने-सामने लगे दिखते हैं, और बेस्ट वैल्यू पर निशान होता है। हर कोटेशन को अपनी टेबल से मिलाकर जांचिए।

किसी छूटी हुई लाइन के बारे में उसी कोटेशन से जुड़ी चैट में पूछिए, और जवाब कोटेशन के साथ रखिए। स्वीकार करने से पहले देख लीजिए कि जो बताया गया है, वह लिखित सहमति से मेल खाता है।

Maedah किसी सप्लायर की कीमत, मशीन या कागज़ात की पुष्टि नहीं करता, इसलिए इंस्पेक्शन सर्टिफ़िकेट और ऑपरेटर की जानकारी खुद मांगिए। कीमत और पेमेंट सप्लायर से तय होते हैं।

आम सवाल

क्या एक मशीन के कोटेशन की तुलना कई मशीनों वाले कोटेशन से हो सकती है?

सीधे नहीं। पहले उन मशीनों से शुरू कीजिए जो दोनों कोटेशन में हैं और उन्हें लाइन-दर-लाइन मिलाइए। बाकी मशीनों के लिए सप्लायर से कोटेशन मांगिए, ताकि हर कोटेशन पूरी रिक्वेस्ट कवर करे और कुल रकम की तुलना हो सके।

क्या मासिक रेट हमेशा दैनिक रेट से सस्ता होता है?

नहीं। मासिक रेट में आम तौर पर तय कार्यदिवस और घंटे माने जाते हैं, और उसमें मिनिमम हायर भी हो सकता है। अगर आपका काम छोटा है, या कई दिन काम रुकता है, तो दैनिक रेट कम पड़ सकता है। अपनी अवधि के लिए दोनों निकालिए, स्टैंडबाय और अतिरिक्त घंटों की शर्तों समेत, और कुल रकम की तुलना कीजिए।

अगर किसी कोटेशन में VAT की लाइन ही नहीं है तो?

मत मानिए कि VAT शामिल है या अलग है। सप्लायर से लिखकर पूछिए कि कीमत VAT के साथ है या बिना, और इनवॉइस में VAT उस रूप में दिखेगा या नहीं जो आपकी फ़ाइनेंस टीम को चाहिए। जवाब मिलने तक उस लाइन में "नहीं लिखा" रखिए और उस कोटेशन को बाकियों के मुकाबले रैंक मत कीजिए।

क्या सबसे कम कोटेशन चुन लेना चाहिए?

तभी, जब आप जांच लें कि उसमें वही मशीन, घंटे और अतिरिक्त खर्च हैं जो बाकियों में हैं। जिस कम कोटेशन में ट्रांसपोर्ट या ऑपरेटर छूटा है, वह अधूरा है। सप्लायर से उसे पूरा करवाइए, फिर दोबारा तुलना कीजिए। फ़र्क फिर भी बड़ा रहे, तो पूछिए कि बाकी कोटेशन में क्या है जो इसमें नहीं।

रेंटल कोटेशन की तुलना ठीक से कैसे करें?

हर कोटेशन को एक ही कुल अवधि और वर्किंग घंटों के लिए निकालिए, मिनिमम हायर, स्टैंडबाय दिन और अतिरिक्त घंटों की उसकी अपनी शर्तों के साथ। फिर अलग से लिखे खर्च जोड़िए: ऑपरेटर, फ्यूल, ट्रांसपोर्ट, इंश्योरेंस और VAT। इसके बाद पूरे हायर की कुल रकम की तुलना कीजिए, और कीमत के साथ मशीन और उसके कागज़ात भी जांचिए।

मशीनें ढूँढें

इस गाइड में जिन मशीनों की बात हुई है, उन्हें देखें।

ये गाइड योजना बनाने में मदद के लिए सामान्य जानकारी देती हैं। ये इंजीनियरिंग, कानूनी या बीमा सलाह नहीं हैं। हमेशा निर्माता के निर्देशों, अपनी साइट के सुरक्षा नियमों, संबंधित अधिकारियों की शर्तों और अपनी बीमा कंपनी की ज़रूरतों का पालन करें।

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