ट्रक, ट्रेलर और ढुलाई

कंस्ट्रक्शन के लिए ट्रक और ट्रेलर के प्रकार, लोड से

गाड़ियों को माल के हिसाब से बाँटें: मशीन, बल्क मटीरियल, तरल, या लोग और छोटा सामान। कोटेशन माँगने से पहले पेलोड ज़रूर जाँचें।

मुख्य बातें

  • गाड़ी माल से चुनें: मशीन, बल्क मटीरियल, तरल, या लोग और छोटा सामान।
  • ट्रैक्टर हेड ट्रेलर को खींचता है। रिजिड ट्रक की बॉडी उसी एक चेसिस पर लगी होती है।
  • पेलोड यानी गाड़ी का तय कुल वज़न (ग्रॉस वेट) घटा उसका ख़ाली वज़न। माल और उसे बाँधने का सामान, दोनों गिने जाते हैं।
  • जिस टैंक में कभी ईंधन या सीवेज ढोया गया हो, उसमें पीने का पानी नहीं ले जाना चाहिए। हमेशा बताएँ कि टैंक में क्या जाएगा।

कोटेशन में ट्रैक्टर हेड, लोबेड, टिपर और वॉटर टैंकर जैसे नाम आते हैं। अंदाज़े से हाँ कर दी तो गेट पर ग़लत गाड़ी पहुँच सकती है। यहाँ हर गाड़ी का काम समझाया गया है। कोटेशन माँगते समय सिर्फ़ गाड़ी का नाम न लिखें, अपना माल बताएँ।

ट्रक, ट्रैक्टर हेड और ट्रेलर में क्या फ़र्क़ है?

रिजिड ट्रक की बॉडी वहीं लगी होती है जहाँ केबिन और इंजन का चेसिस है। ज़्यादातर डंप ट्रक, बॉक्स ट्रक और पिकअप रिजिड गाड़ियाँ हैं। कई टैंकर भी रिजिड होते हैं।

ट्रैक्टर हेड (इसे प्राइम मूवर भी कहते हैं) में अपना कोई लोड बेड नहीं होता। यह कपलिंग से सेमी-ट्रेलर को खींचता है। ट्रेलर अलग होता है, इसलिए एक ही हेड अलग-अलग दिन अलग ट्रेलर के साथ चल सकता है।

लोबेड और फ़्लैटबेड ट्रेलर आम तौर पर ट्रैक्टर हेड के पीछे जुड़कर चलते हैं। इसलिए किराये पर लेते समय अक्सर दोनों चाहिए। सप्लायर से पक्का कर लें कि हेड और ड्राइवर भी उसी की तरफ़ से आ रहे हैं।

सुझाव. कोटेशन में सिर्फ़ "लोबेड" या "ट्रेलर" लिखा हो, तो पूछें कि ट्रैक्टर हेड और ड्राइवर शामिल हैं या नहीं।

भारी मशीन किस गाड़ी में जाती है?

एक्सकेवेटर, लोडर, रोलर और जनरेटर आम तौर पर ट्रेलर पर ढोए जाते हैं। इस काम में तीन तरह के ट्रेलर सबसे ज़्यादा चलते हैं:

  • फ़्लैटबेड: सामान्य ऊँचाई पर सपाट डेक। पैलेट, पाइप, स्टील और कम ऊँची मशीनों के लिए ठीक है। कंटेनर के लिए ऐसा डेक चाहिए जिसमें कंटेनर को जकड़ने की व्यवस्था हो।
  • लोबेड: नीचे बैठा हुआ डेक, जिससे ऊँची मशीन भी कुल ऊँचाई की कम सीमा में रहती है। एक्सकेवेटर और डोज़र जैसी ट्रैक वाली या ऊँची मशीनों के लिए ठीक है।
  • मॉड्यूलर ट्रेलर: एक-दूसरे से जुड़े एक्सल मॉड्यूल से बनता है। बहुत भारी या बहुत लंबे माल के लिए इस्तेमाल होता है।

डेक का प्रकार तो बस शुरुआत है। असली चुनाव मशीन के वज़न, चौड़ाई, ऊँचाई और लंबाई के साथ रास्ते पर भी टिका है। यह भी बताएँ कि मशीन ट्रेलर पर कैसे चढ़ेगी: रैंप से चलाकर या क्रेन से उठाकर, और रैंप या क्रेन कौन देगा। मशीन को सप्लायर और मशीन बनाने वाले के निर्देश के अनुसार लोड, चेन और बाँधा जाना चाहिए।

पूरी तुलना के लिए लोबेड, फ़्लैटबेड और मॉड्यूलर ट्रेलर में फ़र्क़ पढ़ें। सफ़र से पहले की जाँच के लिए लोबेड से भारी मशीन ले जाने की प्री-ट्रिप चेकलिस्ट देखें।

फ़्लैटबेड, ट्रेलर और ट्रैक्टर हेड को आप अलग-अलग कैटेगरी में देख सकते हैं।

रेत, बजरी और खुदाई की मिट्टी कौन-सी गाड़ी ढोती है?

रेत, बजरी, क्रश्ड स्टोन और खुदाई की मिट्टी (जिसे स्पॉइल भी कहते हैं) जैसा बल्क मटीरियल आम तौर पर डंप ट्रक (टिपर) में जाता है। ज़्यादातर बल्क माल रिजिड डंप ट्रक में ढोया जाता है, जिसकी खुली बॉडी पलटती है। बड़े माल के लिए कुछ सप्लायर ट्रैक्टर हेड के पीछे पलटने वाला सेमी-ट्रेलर (टिपर ट्रेलर) भी देते हैं।

सप्लायर को माल का नाम, रोज़ की मात्रा और खाली करने की जगह बताएँ, और बॉडी का साइज़ तथा पेलोड पूछें। डंप ट्रक अपनी बॉडी को हाइड्रोलिक रैम से पलटकर माल गिराता है। बॉडी हमेशा समतल और पक्की ज़मीन पर पलटें, और ऊपर की बिजली की लाइनों से दूर रहें।

कुछ कामों के लिए अलग गाड़ी चाहिए, जैसे ऊबड़-खाबड़ ज़मीन के लिए आर्टिकुलेटेड हॉलर या खदान के लिए बड़ा हॉलर। वह अलग फ़ैसला है, जो डंप ट्रक के प्रकार: रिजिड, आर्टिकुलेटेड और माइनिंग हॉलर में समझाया गया है।

पानी, ईंधन और सीवेज कौन-सी गाड़ी ले जाती है?

तरल पदार्थ टैंकर में जाते हैं। टैंकर रिजिड ट्रक हो सकता है जिसके चेसिस पर टैंक लगा हो, या ट्रैक्टर हेड के पीछे सेमी-ट्रेलर पर लगा टैंक।

एक ही टैंकर हर तरल के लिए नहीं चलता। जिस टैंक में ईंधन या सीवेज ढोया गया हो, उसे पीने के पानी के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसलिए ऑर्डर करते समय बताएँ कि टैंक में क्या जाएगा।

साइट पर आम इस्तेमाल:

  • वॉटर टैंकर: धूल दबाना, कम्पैक्शन, कंक्रीट की क्योरिंग और सफ़ाई।
  • फ़्यूल टैंकर: दूर की साइटों पर मशीनों और जनरेटर के लिए ईंधन। ईंधन ख़तरनाक माल है, इसलिए सप्लायर से पूछें कि गाड़ी और ड्राइवर पर कौन-सी शर्तें लागू होती हैं।
  • सीवेज टैंकर (वैक्यूम ट्रक): सेप्टिक टैंक और अस्थायी साइट सुविधाएँ ख़ाली करने के लिए। पूछें कि कचरा कहाँ डाला जाएगा और वह जगह कौन मंज़ूर करता है। देखें वैक्यूम ट्रक या सेप्टिक टैंकर कैसे बुक करें।

बुकिंग से पहले क्या तय करें, यह कंस्ट्रक्शन साइट के लिए वॉटर टैंकर किराये पर लेना में है।

सामान, स्टाफ़ और छोटा माल किसमें जाए?

हर काम के लिए भारी गाड़ी नहीं चाहिए। रोज़ की साइट आवाजाही छोटी रिजिड गाड़ियाँ सँभाल लेती हैं:

  • पिकअप: कुछ लोग, औज़ार और हल्का माल।
  • बॉक्स ट्रक (बंद बॉडी): वह सामान जो सूखा, साफ़ और ताले में रहना चाहिए, जैसे औज़ार, सीमेंट की बोरियाँ या बिजली का सामान।
  • फ़्लैटबेड ट्रक: सपाट डेक वाला रिजिड ट्रक, जिसमें ईंट, ब्लॉक, पाइप और लकड़ी बग़ल या पीछे से लादी जाती है। (ऊपर वाला फ़्लैटबेड ट्रेलर इसी का खिंचकर चलने वाला रूप है।)
  • क्रू बस या वैन: कैंप से साइट तक मज़दूरों को ले जाने के लिए।

सप्लाई की खेप के लिए पहले इन्हीं के बारे में सोचें। चंद पैलेट के लिए ट्रेलर और ट्रैक्टर हेड मँगाना आम तौर पर ज़रूरत से बड़ी गाड़ी है।

ध्यान रखें. लोग सीटों पर बैठकर चलें, पिकअप, फ़्लैटबेड या डंप ट्रक के लोड बेड पर कभी नहीं। मज़दूरों को ले जाने के अपने नियम हैं। शर्तें प्रोजेक्ट, साइट के मालिक, नगरपालिका और बीमा कंपनी के हिसाब से बदलती हैं, इसलिए गाड़ियाँ भेजने से पहले पक्का कर लें।

गाड़ी कितना माल ले जा सकती है, यह क्या तय करता है?

इसका जवाब है पेलोड। पेलोड यानी गाड़ी का तय कुल वज़न (ग्रॉस वेट) घटा उसका अपना ख़ाली वज़न।

माल, उसे बाँधने का सामान और गाड़ी पर रखी हर अतिरिक्त चीज़ कुल वज़न की सीमा में गिनी जाती है। चेन, स्ट्रैप, लकड़ी की पैकिंग, औज़ार और स्पेयर पार्ट भी इसमें आते हैं। सप्लायर से पूछें कि बताए गए ख़ाली वज़न में क्या शामिल है (ईंधन, ड्राइवर, स्पेयर पहिया)।

एक्सल भी मायने रखते हैं। ज़्यादा एक्सल का मतलब है कि वही वज़न ज़्यादा टायरों और एक्सल लाइनों पर बँटता है, तो हर एक्सल पर वज़न घटता है। तय सीमाएँ हर गाड़ी और हर सड़क के लिए अलग होती हैं। इसलिए अंदाज़ा न लगाएँ, सप्लायर से गाड़ी के रेटेड आँकड़े माँगें।

मशीन का वज़न उसके अटैचमेंट लगे हुए बताएँ, जैसे बकेट या ब्रेकर के साथ। उदाहरण के लिए, मान लें बकेट लगी मशीन का वज़न 20 टन है और बाँधने का सामान तथा बाक़ी चीज़ें 1 टन जोड़ती हैं। तब माल 21 टन का हुआ। गाड़ी का पेलोड कम से कम 21 टन होना चाहिए। हर एक्सल का वज़न भी उसकी सीमा के अंदर रहना चाहिए, इसीलिए रेटेड आँकड़े पूछे जाते हैं। यह तरीक़ा समझाने का उदाहरण है, किसी गाड़ी की सिफ़ारिश नहीं।

सप्लायर से पूछें:

  1. गाड़ी का तय कुल वज़न (परमिटेड ग्रॉस वेट) कितना है?
  2. ख़ाली वज़न कितना है, और इसलिए पेलोड कितना है?
  3. कितने एक्सल हैं?
  4. क्या आँकड़े गाड़ी के अपने काग़ज़ात से हैं, और क्या हेड की रेटिंग ट्रेलर और माल को मिलाकर पूरी पड़ती है?
  5. क्या रास्ता इस गाड़ी की ऊँचाई, चौड़ाई और वज़न के लिए ठीक है?

कौन-सा काम, कौन-सी गाड़ी?

इसे शुरुआती आधार मानें, फिर सप्लायर से पक्का करें।

कामआम तौर पर गाड़ीसप्लायर से पूछें
एक्सकेवेटर या डोज़र ले जानाट्रैक्टर हेड के पीछे लोबेडडेक की ऊँचाई, पेलोड, हेड और ड्राइवर
बहुत भारी या बहुत लंबा मालमॉड्यूलर ट्रेलरएक्सल व्यवस्था, रास्ते की जाँच
पाइप, स्टील, पैलेटफ़्लैटबेड ट्रक या फ़्लैटबेड ट्रेलरडेक की लंबाई, पेलोड, बाँधने के पॉइंट
रेत, बजरी, खुदाई की मिट्टीडंप ट्रकबॉडी का साइज़, पेलोड, माल गिराने की जगह
धूल या क्योरिंग के लिए पानीवॉटर टैंकरटैंक की क्षमता, पंप
मशीनों तक ईंधनफ़्यूल टैंकरईंधन के लिए उपयुक्तता, ईंधन देने का तरीक़ा, गाड़ी और ड्राइवर की शर्तें
सेप्टिक टैंक ख़ाली करनासीवेज टैंकरटैंक की क्षमता, कचरा डालने की जगह
औज़ार और सूखा सामानबॉक्स ट्रकबॉडी का साइज़, ताला
कुछ लोग और औज़ारपिकअप या वैनसीटें, इस्तेमाल की अनुमति

Maedah पर यह कैसे करें?

Maedah पर रिक्वेस्ट डालें और उसमें मशीन या माल, उसका वज़न और माप, शहर, नक़्शे पर साइट, लादने और उतारने की जगहें और तारीख़ें लिखें। ड्राइवर और बीमा जैसी शर्तें भी जोड़ें।

जो सप्लायर वह कैटेगरी देते हैं और आपके शहर में सेवा देते हैं, वे सीलबंद कोटेशन भेजते हैं। उन्हें साथ-साथ रखकर तुलना करें: क्या शामिल है, जवाब देने में लगा समय और रेटिंग। चैट में कहें कि कोटेशन में हेड, ट्रेलर और ड्राइवर तीनों शामिल हों, और मंज़ूर करने से पहले पेलोड पक्का करें। दाम और भुगतान सप्लायर के साथ तय होते हैं।

आम सवाल

अगर मैं सिर्फ़ लोबेड किराये पर लूँ, तो क्या ट्रैक्टर हेड भी चाहिए?

आम तौर पर हाँ। लोबेड ट्रेलर में इंजन नहीं होता, इसलिए उसे ट्रैक्टर हेड ही खींचेगा और दोनों को एक ड्राइवर चलाएगा। सप्लायर से पूछें कि हेड और ड्राइवर उसके साथ आ रहे हैं या आपको लाने हैं। यह भी पूछें कि हेड की रेटिंग ट्रेलर और आपकी मशीन, दोनों को मिलाकर पूरी पड़ती है या नहीं।

क्या फ़्लैटबेड और लोबेड एक ही चीज़ हैं?

नहीं। फ़्लैटबेड का डेक सामान्य ऊँचाई पर सपाट होता है। लोबेड का डेक नीचे बैठा होता है, ताकि ऊँची मशीन कुल ऊँचाई की कम सीमा में रहे। दोनों आम तौर पर ट्रैक्टर हेड के पीछे चलते हैं। मशीन की ऊँचाई, वज़न और रास्ते को देखकर चुनें, और सप्लायर से पक्का करवाएँ।

अगर मशीन ट्रेलर से ज़्यादा ऊँची या चौड़ी हो तो क्या करें?

अंदाज़ा न लगाएँ। अटैचमेंट लगे हुए मशीन की लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई नापें, और वज़न के साथ सप्लायर को भेजें। पूछें कि कम ऊँचाई या ज़्यादा चौड़ाई वाला ट्रेलर चाहिए या नहीं। रास्ते में पुल, ऊपर की बिजली की लाइनें और तंग सड़कें भी देख लें। चौड़े, ऊँचे या भारी माल के लिए एस्कॉर्ट या परमिट लग सकते हैं, तो सप्लायर से पूछें कि आपके रास्ते पर क्या लागू है।

क्या एक ही टैंकर पानी और ईंधन दोनों के लिए चल सकता है?

नहीं। टैंक को ईंधन, सीवेज और पानी के बीच न बदलें। ईंधन और सीवेज के टैंक में अलग फ़िटिंग और संभाल चाहिए, और इनमें से कुछ भी ढोया गया टैंक पीने के पानी के लिए नहीं चलना चाहिए। सप्लायर से टैंक में पहले क्या रहा, वह आपके तरल के लिए ठीक है या नहीं, और सफ़ाई का कोई रिकॉर्ड हो तो वह माँगें।

छोटी साइट के लिए कंस्ट्रक्शन के लिए ट्रक और ट्रेलर के कौन-से प्रकार चाहिए?

औज़ार, पाइप और हल्के मटीरियल के लिए अक्सर पिकअप, बॉक्स ट्रक या फ़्लैटबेड ट्रक काफ़ी रहता है। ट्रेलर और ट्रैक्टर हेड तभी लें जब मशीन या माल रिजिड ट्रक के लिए बहुत भारी या बहुत लंबा हो। पहले अपना माल बताएँ, फिर सप्लायर से पूछें कि वे कौन-सी गाड़ी सुझाते हैं।

मशीनें ढूँढें

इस गाइड में जिन मशीनों की बात हुई है, उन्हें देखें।

ये गाइड योजना बनाने में मदद के लिए सामान्य जानकारी देती हैं। ये इंजीनियरिंग, कानूनी या बीमा सलाह नहीं हैं। हमेशा निर्माता के निर्देशों, अपनी साइट के सुरक्षा नियमों, संबंधित अधिकारियों की शर्तों और अपनी बीमा कंपनी की ज़रूरतों का पालन करें।

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