कल ट्रांसपोर्टर की गाड़ी आनी है, और मशीन व ज़मीन तैयार रखना आपके ज़िम्मे है। यह गाइड साइट सुपरवाइज़र और मशीन मालिकों के लिए है, जिन्हें ट्रेलर से भारी मशीन ले जाने की तैयारी करनी है। इसमें सिर्फ़ तैयारी है: चार चरण, जिन्हें आप फ़ोन पर देखते हुए साइट पर चला सकते हैं, हर लाइन की वजह के साथ। ट्रेलर कौन-सा लेना है, यह अलग फ़ैसला है।
मशीन और रूट के बारे में पहले क्या पक्का करें?
यह काम सबसे पहले करें, हो सके तो एक दिन पहले।
- सफ़र वाला वज़न और साइज़। मशीन ट्रेलर पर जिस हालत में बैठेगी, उसका वज़न, लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई पक्की करें, उन अटैचमेंट समेत जो उसके साथ जाएँगे। ट्रांसपोर्टर इन्हीं आँकड़ों से ट्रेलर चुनता है।
- कौन-से अटैचमेंट ट्रेलर पर जाएँगे। बकेट, ब्लेड, ब्रेकर या बूम का कोई हिस्सा अलग भी भेजा जा सकता है।
- रूट पर ऊपर की ऊँचाई। लोड के बाद की ऊँचाई (मशीन और डेक मिलाकर) की तुलना पुलों, गैंट्री और बिजली की तारों से करें।
- मशीन अपने आप चढ़ सकती है या नहीं। जो मशीन स्टार्ट नहीं होती या स्टीयर नहीं होती, उसे रैंप पर चलाकर नहीं चढ़ाया जा सकता। ट्रांसपोर्टर को अभी बताएँ, क्योंकि तब लोडिंग का दूसरा तरीका चाहिए।
- नीचे से कम ग्राउंड क्लीयरेंस। मशीन नीचे से नीची हो तो ट्रांसपोर्टर को बताएँ, ताकि रैंप का कोण और डेक उसके हिसाब से हो।
- लोडिंग और अनलोडिंग के पते। दोनों सिरों पर साइट के सही गेट, गेट की चौड़ाई और संपर्क व्यक्ति साझा करें।
अगर ट्रेलर का प्रकार अभी तय नहीं हुआ है, तो पहले लोबेड, फ़्लैटबेड और मॉड्यूलर ट्रेलर में फ़र्क़ पढ़ें। परमिट और एस्कॉर्ट की ज़रूरतें प्रोजेक्ट, नगर पालिका और रूट के हिसाब से अलग होती हैं, इसलिए ट्रांसपोर्टर से पूछें कि आपके सफ़र पर क्या लागू है।
लोडिंग की जगह तैयार है या नहीं?
ट्रेलर और मशीन एक ही ज़मीन पर खड़े होते हैं, और वह ज़मीन दोनों का मिला हुआ वज़न सह सके, यह ज़रूरी है।
- ठोस, समतल पक्की ज़मीन चुनें। नरम, गीली या ढलान वाली ज़मीन लोडिंग में ख़तरा है: ट्रेलर धँस या झुक सकता है और मशीन फिसल सकती है।
- लोडिंग की जगह के पास दबी हुई लाइनें, नरम भराव या हाल में खोदी गई ट्रेंच तो नहीं, यह देख लें।
- ट्रैक्टर हेड और ट्रेलर को सीधी लाइन में आने की जगह छोड़ें, ताकि रैंप डेक की सीध में बैठें।
- ट्रांसपोर्टर से पूछें कि ट्रेलर को लोडिंग के लिए सुरक्षित कैसे किया जाएगा। मसलन पार्किंग ब्रेक लगा हो, पहियों के नीचे चॉक लगे हों और रैंप ट्रेलर के निर्देश के मुताबिक़ लगे और बँधे हों। जो ट्रेलर अब भी खिसक सकता है, उस पर लोड न करें।
- लोडिंग वाली जगह से लोग, गाड़ियाँ और सामान हटाकर रखें। बैंक्समैन और एक्सक्लूज़न ज़ोन योजना का हिस्सा हैं, कोई अतिरिक्त चीज़ नहीं।
- हो सके तो रास्ते से धूल और रेत बुहार दें, क्योंकि रैंप और ट्रैक पर यह फिसलन बनाती है। साइट इजाज़त दे तो लोडिंग सबसे गर्म घंटों के बाहर रखें, क्योंकि स्टील का डेक और रैंप इतने गरम हो सकते हैं कि हाथ न लगाया जा सके।
ट्रेलर पर चढ़ाने से पहले मशीन कैसे तैयार करें?
मशीन की तैयारी दो हिस्सों में होती है: ट्रेलर आने से पहले, ताकि लोडिंग तेज़ और सुरक्षित हो, और डेक पर अपनी जगह पहुँचने के बाद।
ट्रेलर आने से पहले
- ख़ासकर ट्रैक, टायर और निचले हिस्से से मोटी कीचड़ और चिकनी मिट्टी साफ़ करें। इससे वज़न बढ़ता है, रैंप फिसलन भरे होते हैं और रास्ते में यह गिरती भी है।
- रिसाव, ढीले कवर और टूटे ट्रैक या टायर देखें। जो मिले, उसे नोट कर लें।
- केबिन में पड़ा ढीला सामान निकालें या बाँध दें, और दरवाज़े, खिड़कियाँ व इंजन कवर बंद करके लैच लगा दें।
- व्हील लोडर या किसी भी आर्टिकुलेटेड मशीन में आर्टिकुलेशन लॉक और उसका पिन या बार अभी ढूँढ लें, और देख लें कि वह मौजूद है और फिट होता है। उसे अभी लगाएँ नहीं: लॉक लगी मशीन ट्रेलर की तरफ़ मुड़ नहीं सकती।
आपके मॉडल की ट्रांसपोर्ट पोज़ीशन, लिफ्टिंग पॉइंट और टाई-डाउन पॉइंट निर्माता के मैनुअल में दिखाए जाते हैं। साइट पर मैनुअल न हो तो सप्लायर या डीलर से पूछें। अगर मशीन को चलाकर नहीं, क्रेन से उठाकर ट्रेलर पर रखना है, तो वह एक लिफ्ट है। उसके लिए अलग लिफ्ट प्लान और सक्षम क्रेन क्रू चाहिए, उसे मौक़े पर जुगाड़ से न करें।
मशीन कैसे चढ़ाएँ और कैसे बाँधें?
लोडिंग सबसे जोखिम भरा पल है, इसलिए इसे शांति से और धीरे-धीरे करें।
- एक सिग्नलमैन (बैंक्समैन) ड्राइवर को गाइड करे। इंजन चालू करने से पहले हाथ के इशारे तय कर लें।
- ऑपरेटर, जिसे उस मशीन को चलाने का प्रशिक्षण और अधिकार हो, मशीन को ट्रेलर की सेंटर लाइन में लाकर सीधे और धीरे-धीरे चढ़ाए।
- रैंप पर स्टीयरिंग न घुमाएँ। रैंप पर मोड़ने से एक तरफ़ का हिस्सा किनारे से बाहर जा सकता है। मशीन तिरछी हो जाए तो पीछे उतरकर दोबारा सीध में लगाएँ।
- मशीन को वहीं रखें जहाँ ट्रांसपोर्टर कहे, ताकि वज़न डेक पर ठीक जगह बैठे।
- मशीन अपनी जगह पहुँच जाए, तब आर्टिकुलेशन लॉक लगाएँ, बकेट, ब्लेड या बूम को निर्माता की बताई ट्रांसपोर्ट पोज़ीशन में नीचे रखें, और मैनुअल में जो स्विंग या ट्रांसपोर्ट लॉक बताया हो, वह भी लगाएँ। फिर इंजन बंद करें और चाबी निकाल लें। निर्माता का क्रम अलग हो तो उसी को मानें।
- टाई-डाउन के लिए निशान वाले पॉइंट पर ही लैशिंग करें। ऐसी चेन या स्ट्रैप लें जिन पर वर्किंग लोड लिमिट लिखी हो, और कटाव या टूटी कड़ियाँ देख लें। पॉइंट न मिलें तो सप्लायर या डीलर से पूछें, अंदाज़े से न बाँधें।
- हाइड्रोलिक सिलिंडर की रॉड पर कभी लैशिंग न करें, और किसी नाज़ुक हिस्से पर भी नहीं। भार पड़ने पर वे मुड़ जाते हैं या रिसने लगते हैं।
- सड़क के पहले हिस्से के बाद लैशिंग दोबारा जाँचें। ड्राइवर से कहें कि वह किसी सुरक्षित जगह रुके, और कुछ खिसका हो तो कसवा दें।
ध्यान रखें. टाई-डाउन की गिनती और उन्हें कितना ज़ोर सहना है, यह ट्रांसपोर्टर और निर्माता के निर्देश तय करते हैं। इसे साइट पर अंदाज़े से तय न करें।
साइट पर कौन-कौन होना चाहिए और कौन-से काग़ज़ात हाथ में रखें?
| कौन | भूमिका |
|---|---|
| साइट सुपरवाइज़र | योजना की ज़िम्मेदारी लेता है और पुष्टि करता है कि जगह तैयार है |
| मशीन ऑपरेटर | मशीन को चढ़ाने और उतारने के लिए प्रशिक्षित और अधिकृत |
| सिग्नलमैन | ऑपरेटर को गाइड करता है और लोगों को दूर रखता है |
| ट्रांसपोर्ट ड्राइवर | ट्रेलर संभालता है और आम तौर पर लैशिंग की अगुवाई करता है |
ये चीज़ें काग़ज़ पर या फ़ोन में हाथ के पास रखें:
- बुकिंग की पुष्टि, जिसमें दोनों पते और संपर्क नंबर हों।
- मशीन का वज़न और साइज़, मैनुअल या डेटा प्लेट से।
- लोडिंग और अनलोडिंग साइट का कोई भी साइट पास या प्रवेश की मंज़ूरी। ज़रूरतें साइट मालिक और प्रोजेक्ट के हिसाब से अलग होती हैं, इसलिए ट्रक रवाना होने से पहले पुष्टि कर लें।
- मशीन किराये की हो तो हायर एग्रीमेंट या हैंडओवर का काग़ज़।
ट्रक रवाना होने से पहले मशीन की चारों तरफ़ से फ़ोटो लें: टायर या ट्रैक, केबिन और पहले से मौजूद नुकसान समेत। तारीख़-समय वाली फ़ोटो से लोडिंग के वक़्त मशीन की हालत का रिकॉर्ड रहता है।
मशीन पहुँचने पर क्या जाँचें?
- उतारने वाली साइट पर किसी से कहें कि ठोस, समतल ज़मीन तैयार रखे। वही जाँच करें जो लोडिंग वाले सिरे पर की थी।
- लैशिंग खुलने से पहले ट्रेलर पर खड़ी मशीन का चक्कर लगाएँ और लोडिंग की फ़ोटो से मिलाएँ। लैशिंग तभी खोलें जब ड्राइवर कहे और ट्रेलर सुरक्षित हो, क्योंकि कसी हुई चेन और स्ट्रैप झटके से वापस उछल सकते हैं।
- सिग्नलमैन के साथ, सीधे और धीरे-धीरे उतारें, रैंप पर स्टीयरिंग घुमाए बिना।
- मशीन की चारों तरफ़ से दोबारा फ़ोटो लें। कोई नया नुकसान दिखे तो ट्रक जाने से पहले ट्रांसपोर्टर और मशीन मालिक को बताएँ।
- मशीन किराये की है तो आगे किराये की मशीन के पहुँचने और लौटाने की चेकलिस्ट देखें।
आम ग़लतियाँ जो सफ़र में देरी या नुकसान करती हैं
| ग़लती | क्या करें |
|---|---|
| आर्टिकुलेशन लॉक का पिन या बार पीछे छूट जाना | ट्रक आने से पहले उसे ढूँढें और देखें कि फिट होता है |
| डेक की ऊँचाई भूल जाना | पुलों और बिजली की तारों की जाँच में मशीन की ऊँचाई में डेक जोड़ें |
| उसी दिन पता चलना कि मशीन स्टार्ट नहीं हो रही | एक दिन पहले चलाकर देखें, और न चढ़ सके तो ट्रांसपोर्टर को बताएँ |
| उतारने वाले सिरे पर कोई तैयार न होना | ट्रक रवाना होने से पहले वहाँ का संपर्क व्यक्ति और उतारने की जगह तय करें |
| यह मान लेना कि कोटेशन में लोडिंग की मदद या इंतज़ार का समय शामिल है | पूछें कि उसमें क्या-क्या है: रेंटल रेट में क्या शामिल है और क्या नहीं देखें |
अगर आपका सफ़र बंदरगाह से शुरू होता है, तो बंदरगाह से साइट तक उपकरण ले जाना देखें।
Maedah पर यह कैसे करें
Maedah पर आप एक बार रिक्वेस्ट डालते हैं: कौन-सा ट्रेलर या लोबेड चाहिए, उठाने और छोड़ने की जगहें, तारीख़ें और कोई भी शर्त। आपके शहर में सेवा देने वाले लोबेड सप्लायर सीलबंद कोटेशन भेजते हैं, जो साथ-साथ दिखते हैं।
नोट्स में मशीन का वज़न और सफ़र वाला साइज़ लिख दें। कोटेशन की तुलना करते समय देखें कि हर एक में क्या शामिल है, फिर कोटेशन से जुड़ी चैट में सप्लायर से बाक़ी बातें तय करें। Maedah भुगतान प्रोसेस नहीं करता: कीमत और भुगतान आप सप्लायर के साथ आपस में तय करते हैं।
खींचने वाली यूनिट अलग से चाहिए तो ट्रैक्टर हेड या ट्रेलर देखें।






