गलत ट्रेलर का पता मूवमेंट वाले दिन चलता है: मशीन सड़क के लिए बहुत ऊँची निकलती है, डेक की रेटिंग कम पड़ जाती है, या मशीन को चढ़ाने का सुरक्षित तरीका ही नहीं होता। यह गाइड उन कॉन्ट्रैक्टर, साइट टीम और मालिकों के लिए है जो एक्सकेवेटर, लोडर या रोलर ले जा रहे हैं। इसमें लोबेड और फ़्लैटबेड ट्रेलर में अंतर, मॉड्यूलर ट्रेलर कब चाहिए, और पहले कोटेशन को सही बनाने वाली जानकारी मिलेगी।
ट्रेलर कैसे चुनें: वज़न, ऊँचाई और चौड़ाई
शुरुआत मशीन से करें, ट्रेलर से नहीं। लगभग सारा फ़ैसला तीन आँकड़ों से हो जाता है।
वज़न। मशीन की प्लेट या मैनुअल से ऑपरेटिंग या शिपिंग वेट लें, या उसके सप्लायर से पूछ लें। दो आँकड़े मिलें तो बड़ा वाला लें। जो अटैचमेंट लगा है, जैसे बकेट, ब्रेकर या काउंटरवेट, उसे भी जोड़ें। अंदाज़े से गोल किया हुआ वज़न न लें। ट्रेलर की रेटेड क्षमता मशीन के वज़न से ऊपर होनी चाहिए। ट्रैक्टर हेड भी ट्रेलर और लोड, दोनों को मिलाकर खींचने के लिए रेटेड होना चाहिए, और लदी गाड़ी रूट की वज़न-सीमा के भीतर रहे।
ऊँचाई। सड़क पर कुल ऊँचाई डेक की ऊँचाई और मशीन की ऊँचाई का जोड़ होती है। ऊँचे डेक पर रखी ऊँची मशीन सड़क पर चलने लायक ही न रहे, ऐसा हो सकता है। लोबेड का डेक नीचा होता है, और इसी वजह से ऊँची मशीन कम ट्रैवल हाइट में आ जाती है। फिर भी लोड के बाद की अंतिम ऊँचाई ट्रांसपोर्टर से पक्की कर लें।
उदाहरण के लिए, मान लीजिए चलते समय मशीन 3.5 m ऊँची है। 1.5 m डेक वाले फ़्लैटबेड पर लोडेड ऊँचाई 5.0 m होगी। 1.0 m डेक वाले लोबेड पर यह 4.5 m होगी। ये आँकड़े सिर्फ़ उदाहरण हैं, इसलिए जो ट्रेलर ऑफ़र हो रहा है, उसके डेक की असली ऊँचाई पूछें। रूट का सबसे नीचा पुल या तार तय करता है कि यह फ़र्क़ मायने रखता है या नहीं।
चौड़ाई और लंबाई। मशीन की चौड़ाई और लंबाई को डेक से मिलाएँ। मशीन डेक से या सड़क की सामान्य सीमा से चौड़ी या लंबी हो, तो ज़रूरतें बदल जाती हैं।
सुझाव. मशीन को वैसे नापें जैसे वह सफ़र करेगी: बूम मुड़ा हुआ, आर्म नीचे, और मैनुअल जो हिस्से निकालने को कहे वे निकले हुए।
फ़्लैटबेड कब काफ़ी है?
फ़्लैटबेड सीधा-सपाट डेक होता है। सामान, पाइप, स्टील और हल्की मशीनों के लिए यह अच्छा विकल्प है।
मशीन के मामले में सावधानी रखें। ऊँचे डेक पर चढ़ी मशीन ऊपर बैठती है, और उसका गुरुत्व केंद्र भी ऊपर चला जाता है। मोड़, ढलान और ऊबड़-खाबड़ ज़मीन पर यह स्थिरता का जोखिम है।
फ़्लैटबेड तभी लें जब मशीन उस ट्रेलर के हिसाब से हल्की हो, डेक और मशीन की ऊँचाई मिलाकर रूट के लिए ठीक बैठे, और चढ़ाने का सुरक्षित तरीका हो। इनमें से किसी पर भी शक हो तो बुकिंग से पहले ट्रांसपोर्टर से पूछें। फ़ैसला सिर्फ़ रेट देखकर न करें।
लोबेड की ज़रूरत कब पड़ती है?
लोबेड का डेक नीचा रहता है, आगे वाले हिस्से और पीछे के एक्सल के बीच बने गड्ढे में। नीचे डेक से गुरुत्व केंद्र और कुल ऊँचाई कम रहती है। इसीलिए एक्सकेवेटर, व्हील लोडर, डोज़र और दूसरी ऊँची या भारी मशीनें आम तौर पर लोबेड पर जाती हैं।
लोबेड तब चुनें जब:
- मशीन ऊँची हो, और फ़्लैटबेड पर डेक व मशीन की ऊँचाई मिलाकर ज़्यादा हो सकती हो;
- मशीन भारी हो और आप उसे नीचे और स्थिर ले जाना चाहते हों।
लोबेड ज़मीन के काफ़ी पास चलता है। साइट के तीखे ढलान वाले गेट, कर्ब और स्पीड ब्रेकर के बारे में ट्रांसपोर्टर को बता दें, ताकि ट्रेलर नीचे से न टकराए। उपलब्धता शहर और सीज़न के हिसाब से बदलती है, इसलिए जल्दी पूछें। सफ़र से पहले की पूरी जाँच के लिए लोबेड से भारी मशीन ले जाने की प्री-ट्रिप चेकलिस्ट देखें।
मॉड्यूलर ट्रेलर कब सही रहता है?
मॉड्यूलर ट्रेलर एक्सल लाइनों और प्लेटफ़ॉर्म को जोड़कर बनता है। ज़्यादा एक्सल वज़न बाँटते हैं, इसलिए बहुत भारी या बहुत लंबा लोड सड़क की ज़्यादा सतह पर फैल जाता है। ट्रांसपोर्टर ट्रेलर को लोड के हिसाब से सेट कर सकता है।
इसके बारे में तब सोचें जब लोड बहुत भारी या बहुत लंबा हो, जैसे बड़ा ट्रांसफ़ॉर्मर या क्रेन का भारी हिस्सा। लंबे लोड के लिए पहले पूछें कि ट्रांसपोर्टर के पास एक्सटेंडेबल लोबेड है या नहीं। उपलब्ध सबसे बड़ा लोबेड भी कम पड़े, तभी मॉड्यूलर ट्रेलर की बात करें।
यह विशेषज्ञ काम है। इसमें ज़्यादा प्लानिंग लगती है, और रूट को क़रीब से देखना पड़ता है, पुलों और क्लियरेंस समेत। ट्रांसपोर्टर से जल्दी बात करें।
मशीन ट्रेलर पर चढ़ेगी और उतरेगी कैसे?
यह सवाल अक्सर छूट जाता है। जो मशीन सुरक्षित चढ़ ही नहीं सकती, वह सफ़र भी नहीं कर सकती।
लोबेड पर आम तौर पर दो में से एक तरीक़े से लोडिंग होती है:
- पीछे के रैंप। मशीन ट्रेलर के पीछे लगे रैंप से ऊपर चढ़ती है।
- निकलने वाला गूज़नेक। कुछ लोबेड में आगे का हिस्सा निकाला या नीचे किया जा सकता है, ताकि मशीन सीधे आगे से चढ़ जाए।
फ़्लैटबेड में मशीन चढ़ाने का कोई बना-बनाया तरीक़ा नहीं होता। उसके लिए रैंप, डॉक या क्रेन चाहिए, और जो भी रैंप या क्रेन हो, वह उस मशीन के लिए रेटेड होना चाहिए। साइट पर जो उपलब्ध है, वह बताएँ।
जो भी मशीन चलाकर चढ़ाई जाती है, ट्रैक वाली हो या पहियों वाली, उसके वज़न के हिसाब से रैंप या गूज़नेक चाहिए। दोनों सिरों की ज़मीन देखें: मज़बूत, समतल, और ट्रेलर को सीध में लगाने की जगह वाली। यह भी पूछें कि चढ़ाने और उतारने का काम कौन करेगा।
ध्यान रखें. गीली, नरम या ढलान वाली ज़मीन पर लोडिंग के दौरान मशीन फिसल सकती है। लोडिंग की ज़मीन ख़राब हो तो उसी दिन नहीं, पहले से ट्रांसपोर्टर को बता दें।
लोबेड, फ़्लैटबेड और मॉड्यूलर: एक नज़र में
दो सवाल ट्रेलर चुन देते हैं। क्या मशीन उस ट्रेलर के लिए ऊँची या भारी है जो आप आम तौर पर लेते? तो लोबेड माँगें। क्या लोड ट्रांसपोर्टर के सबसे बड़े लोबेड से भी ज़्यादा भारी या लंबा है? तो मॉड्यूलर ट्रेलर के बारे में पूछें।
| फ़्लैटबेड | लोबेड | मॉड्यूलर ट्रेलर | |
|---|---|---|---|
| किसके लिए | सामान, पाइप, स्टील, हल्की मशीनें | ऊँची या भारी मशीनें | बहुत भारी या बहुत लंबे लोड |
| डेक | ऊँचा, सपाट | नीचा, अक्सर गूज़नेक के साथ | एक्सल लाइनों और प्लेटफ़ॉर्म से बना |
| कुल ऊँचाई | ज़्यादा: डेक और मशीन का जोड़ | कम: नीचा डेक ऊँचाई घटाता है | लोड के हिसाब से सेट |
| लोडिंग | रैंप, डॉक या क्रेन | पीछे के रैंप या गूज़नेक | लोड के हिसाब से प्लान की जाती है |
| ध्यान रखें | ऊँचे डेक पर मशीन बहुत ऊँची या अस्थिर | ज़मीन से कम क्लियरेंस और लोडिंग की जगह | रूट की जाँच और जल्दी बुकिंग |
क्षमता को जानबूझकर टेबल में नहीं रखा गया। यह हर ट्रेलर में अलग होती है, इसलिए जो ट्रेलर तय हो रहा है, उसकी रेटेड क्षमता पूछें।
कोटेशन से पहले ट्रांसपोर्टर को क्या बताएँ?
ये बातें पहले ही मैसेज में भेज दें, ताकि कोटेशन बाद में बदलना न पड़े:
- मशीन: मेक और मॉडल।
- वज़न: ऑपरेटिंग या शिपिंग वेट, अटैचमेंट लगे हुए।
- साइज़: सफ़र के समय की लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई।
- उठाने और छोड़ने की जगह: शहर, साइट, और पहुँच की रुकावटें जैसे गेट, ढलान या नरम ज़मीन।
- लोडिंग: रैंप, डॉक या क्रेन है या नहीं, और चढ़ाएगा कौन।
- समय: तारीख़ और साइट की समय-सीमाएँ।
फिर ट्रांसपोर्टर से ये पूछें:
- इस ट्रेलर की और ट्रैक्टर हेड की रेटेड क्षमता कितनी है?
- लोड के बाद कुल ऊँचाई कितनी होगी?
- क्या इस रूट पर एस्कॉर्ट, परमिट या चलने के समय की पाबंदी लगेगी?
- इनका इंतज़ाम कौन करेगा, और प्लान बदलने पर ज़िम्मेदारी किसकी होगी?
- मशीन ट्रेलर पर किससे और कैसे बाँधी जाएगी? पूछें कि क्या उसे रेटेड एंकर पॉइंट पर चेन से बाँधा जाता है।
- रेट में क्या शामिल है और क्या नहीं? इसके लिए इक्विपमेंट रेंटल रेट में क्या शामिल है और क्या नहीं पढ़ें।
मशीन बंदरगाह से आ रही हो तो बंदरगाह से साइट तक उपकरण ले जाना पढ़ें। गाड़ियों की व्यापक तस्वीर के लिए निर्माण में ट्रक और ट्रेलर: पूरी जानकारी देखें।
Maedah पर यह कैसे करें
एक रिक्वेस्ट डालें, जिसमें आपका चाहिए वाला ट्रांसपोर्ट, मैप पर शहर और साइट, और तारीख़ हो। उठाने-छोड़ने की जानकारी, और मशीन का वज़न, साइज़ व अटैचमेंट नोट्स में लिखें। जो सप्लायर वह कैटेगरी देते हैं और उस शहर में सेवा देते हैं, वे सील्ड कोटेशन भेज सकते हैं।
कोटेशन साथ-साथ रखकर देखें: क्या शामिल है, लोडिंग कौन करेगा, परमिट कौन संभालेगा, और जवाब देने में कितना समय लगा। क़ीमत और भुगतान सप्लायर से आपसी सहमति से तय करें। Maedah भुगतान प्रोसेस नहीं करता। और जानकारी के लिए रेंटल कोटेशन की तुलना पढ़ें।





